'सरकार की गलत नीतियों के कारण आर्थिक सुनामी की ओर बढ़ रहा भारत' राहुल गांधी का दावा, बीजेपी ने किया पलटवार

राहुल गांधी ने चेतावनी दी है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण भारत 'आर्थिक सुनामी' की ओर बढ़ रहा है. दूसरी ओर भाजपा ने इन दावों को खारिज करते हुए मजबूत आर्थिक आंकड़ों का हवाला दिया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: राजनीति का रंगमंच हो और अर्थव्यवस्था पर चर्चा छिड़े तो वार-पलटवार का दौर तो बनता ही है. कुछ ऐसा ही सियासी घमासान देश के दो सबसे बड़े राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के बीच देखने को मिल रहा है जहां दोनों पार्टियां देश के आर्थिक भविष्य को लेकर आमने-सामने खड़ी हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में चेतावनी दी है कि भारत जल्द ही एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि देश एक 'आर्थिक सुनामी' की तरफ बढ़ रहा है क्योंकि सरकार ने उन मजबूत प्रणालियों को कमजोर कर दिया है जो भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाती थीं.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि बढ़ती महंगाई और खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियां आ सकती हैं. उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए एक राजनीतिक भविष्यवाणी भी कर दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद अब से एक साल बाद इस पद पर नहीं रहेंगे.

भाजपा ने बयानों को किया खारिज

वहीं भाजपा ने राहुल गांधी के इन बयानों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने उन पर डर फैलाने और अर्थव्यवस्था की गलत तस्वीर पेश करने का आरोप लगाया है. मालवीय ने दलील दी कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के आर्थिक आंकड़े बेहद मजबूत हैं.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मई 2026 में ई-वे बिल जनरेशन में लगभग 13% की बढ़ोतरी हुई है जो बेहतर कारोबारी गतिविधि को दर्शाता है. इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में लगातार सुधार हो रहा है रिटेल महंगाई आरबीआई के तय दायरे से नीचे है और चालू वित्त वर्ष में एफडीआई भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है. 

मालवीय ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर और छोटे उद्योगों को क्रेडिट गारंटी देकर हर कदम पर आम जनता और व्यापारियों को राहत दी है. उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स में हो रहे निवेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत कर रही है.