पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि पुरुलिया से पश्चिम मेदिनीपुर लौटते समय उन पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. उन्होंने कहा कि यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
सुवेंदु अधिकारी का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया. अधिकारी के मुताबिक, यह घटना दिखाती है कि मौजूदा सरकार में हिंसा और दबाव की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है.
#WATCH | West Bengal | "Tonight, approximately around 8:20 PM, while I was returning from Purulia, at Chandrakona Road, Paschim Medinipur district, I was viciously attacked by TMC goons. These cowards, emboldened by the Mamata Banerjee regime's culture of violence and impunity,… pic.twitter.com/x8QzNnL2ds
— ANI (@ANI) January 10, 2026Also Read
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बीजेपी नेता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब जनता के गुस्से का सामना नहीं कर पा रही है और इसलिए गुंडागर्दी का सहारा ले रही है. उन्होंने इसे सिर्फ अपने ऊपर नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की आवाज पर हमला बताया.
हमले के बाद सुवेंदु अधिकारी चंद्रकोणा पुलिस थाने पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए. उन्होंने मांग की कि हमलावरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए. अधिकारी ने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, वह धरना खत्म नहीं करेंगे.
यह पहली बार नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी ने हमले का आरोप लगाया हो. अगस्त में उन्होंने कूचबिहार दौरे के दौरान भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का दावा किया था. उस समय उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए थे और विरोध के नारे लगाए गए थे.
इसके बाद अक्टूबर 2025 में सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण 24 परगना में काली पूजा और दिवाली कार्यक्रम में जाते वक्त भी हमले का आरोप लगाया था. उन्होंने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था और इसके पीछे टीएमसी नेताओं का हाथ बताया था.
इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है. बीजेपी ने टीएमसी पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ये घटनाएं जनता के आक्रोश का नतीजा हैं.
फिलहाल सुवेंदु अधिकारी के धरने से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. विपक्ष ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि राज्य में कानून का भरोसा बहाल हो सके.