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संसद में बड़े एक्शन की तैयारी! BJP-कांग्रेस ने सांसदों के लिए जारी किया 'थ्री-लाइन व्हिप', जानें 9-10 मार्च को क्या होने वाला है खास?

बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू हो रहा है. इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने सांसदों को व्हिप जारी किया है. सदन में विधायी कार्यों और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर नजरें टिकी हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: संसद के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है. 28 जनवरी को शुरू हुए बजट सत्र का पहला हिस्सा काफी हंगामेदार रहा था और अब तीन हफ्ते के अवकाश के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हो रही है. 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाए जाने हैं. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं, जिसके तहत सांसदों को अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं.

सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने सांसदों के लिए 'तीन लाइन का व्हिप' जारी कर दिया है. इसके तहत 9 से 11 मार्च तक सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा. बजट सत्र के इस महत्वपूर्ण फेज में सरकार कई जरूरी बिल पेश करने वाली है, जबकि विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की योजना बनाई है. सांसदों की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करना दोनों ही खेमों के लिए अब राजनीतिक साख का सवाल बन गया है.

विवादों भरा पिछला घटनाक्रम 

सत्र के पहले हिस्से में भारी विवाद देखने को मिला था. पूर्व सेना प्रमुख की किताब और लद्दाख सीमा विवाद पर तीखी बहस हुई थी. इस दौरान अनुशासनहीनता के आरोप में विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. विपक्ष ने एमजीएनरेगा और चुनावी सूची जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा था. हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री के जवाब के बिना राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया था.

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 

लोकसभा में राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब कांग्रेस ने अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया. इसके बाद अध्यक्ष ने एक बड़ा नैतिक फैसला लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वे सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे. यह स्थिति सदन के कामकाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर सत्र के दूसरे चरण में विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.

बजट और अनुदान मांगों पर चर्चा 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट 2026-27 इस सत्र के केंद्र में है. दूसरे चरण में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच स्थायी समितियों द्वारा की जाएगी. सरकार का लक्ष्य एफआरबीएम एक्ट के तहत निर्धारित वित्तीय रणनीतियों पर मुहर लगवाना है. इस सत्र में कुल 30 बैठकें होनी तय हैं, जिनमें देश की आर्थिक दिशा और नीतिगत ढांचे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा. सदन की यह कार्यवाही 2 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होगी.

राज्यसभा चुनावों की सरगर्मी 

संसदीय कार्यवाही के बीच ही राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. आगामी 16 मार्च को इन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होंगे और उसी दिन शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च है, जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत का दिन भी है. इन चुनावों के परिणाम ऊपरी सदन में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का ही राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है.