भुवनेश्वर में कैब-ऑटो चालकों के प्रदर्शन में हिंसा, 113 गिरफ्तार; 354 वाहन जब्त
भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब और ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा के मामले में पुलिस ने 113 लोगों को गिरफ्तार किया है और 354 वाहन भी जब्त किए है.
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब और ऑटो चालकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने के आरोप में 113 लोगों को गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.
60 लोगों को निजी मुचलके पर छोड़ा
भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त जगमोहन मीणा ने बताया कि प्रदर्शन के सिलसिले में करीब 60 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 354 वाहनों को भी जब्त किया है. अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी और कई इलाकों में सामान्य आवाजाही बाधित हुई.
स्टेशन स्क्वायर पर बिगड़े हालात
बुधवार को स्टेशन स्क्वायर और मास्टर कैंटीन के आसपास हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने सड़क पर वाहनों के साथ रास्ता रोक रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. सार्वजनिक बसों और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की भी सूचना सामने आई. मामले में खरवेल नगर थाने में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं.
Also Read
17 अगस्त से चल रहा था हड़ताल
ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो सेवाओं से जुड़े ड्राइवर और राइडर 17 अगस्त से काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी सात सूत्री मांगों में किराया बढ़ाना, ऐप कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में कमी, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. प्रदर्शनकारी सरकार से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के शुल्क को नियंत्रित करने और न्यूनतम व अधिकतम किराया तय करने के लिए नियामक व्यवस्था बनाने की मांग कर रहे हैं.
वेटिंग टाइम और कैंसिलेशन का भुगतान
ड्राइवरों की मांग है कि यात्रा के दौरान इंतजार के समय का भी भुगतान किया जाए. इसके अलावा ट्रैफिक में फंसे रहने से होने वाले समय के नुकसान की भरपाई और यात्री द्वारा बुकिंग रद्द करने पर पूरा भुगतान देने की व्यवस्था की मांग की गई है. चालक यह भी चाहते हैं कि ओडिशा में ऐप आधारित कंपनियों के स्थायी कार्यालय हों और सरकार की मंजूरी के बिना प्लेटफॉर्म नए वाहनों को सेवा में शामिल न कर सकें.
400 वाहनों के परमिट रद्द करने की तैयारी
ओडिशा में ऐप आधारित प्लेटफॉर्म से करीब 30,000 कैब, ऑटो और बाइक जुड़े होने का अनुमान है. अतिरिक्त परिवहन आयुक्त समरेंद्र पटनायक ने कहा कि करीब 400 वाहनों के रजिस्ट्रेशन और परमिट रद्द किए जाएंगे. प्रदर्शन के दौरान नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम जारी रहेंगे.