वडनगर रेलवे स्टेशन पर भैंस व्यापारियों ने पीएम मोदी को कैसे सिखाई हिंदी? बेहद दिलचस्प है कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक गुजराती परिवार से आते हैं लेकिन इसके बावजूद वह फर्राटेदार हिंदी बोलते हैं. उन्होंने खुद बताया कि उन्होंने हिंदी कैसे सीखी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि गुजराती भाषी परिवार और माहौल में पले-बढ़े होने के बावजूद उनकी हिंदी बोलने की क्षमता बचपन में ही विकसित हो गई थी. इसका संबंध उनके गृह नगर वडनगर के रेलवे स्टेशन से जुड़ी एक दिलचस्प घटना से है. मोदी ने यह किस्सा उद्यमी और पॉडकास्टर निखिल कामथ के साथ बातचीत में साझा किया था.
रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे मोदी
मोदी के अनुसार, बचपन में वह वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे. उस समय उत्तर प्रदेश से भैंसों के कारोबार से जुड़े लोग वहां मालगाड़ी का इंतजार करने के लिए अक्सर पहुंचते थे. उनके मुताबिक, एक समय में करीब 30-40 लोग प्लेटफॉर्म पर मौजूद रहते थे. मोदी चाय लेकर उनके पास जाते थे और इसी दौरान उनसे बातचीत होती थी.
बातचीत बनी हिंदी सीखने का जरिया
प्रधानमंत्री ने बताया कि ये कारोबारी अपनी भैंसों के परिवहन की व्यवस्था करते थे. मालगाड़ी मिलने पर उसमें घास भरी जाती थी और भैंसों को खड़ा करने के लिए जगह तैयार की जाती थी. उत्तर प्रदेश से आए इन लोगों के साथ रोजमर्रा की बातचीत ने मोदी को हिंदी बोलने का स्वाभाविक अभ्यास दिया. उन्होंने कहा कि इसी बातचीत के जरिए उन्होंने बचपन में हिंदी सीख ली.
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शाम को भजन-कीर्तन भी करते थे
मोदी ने इस याद को सिर्फ भाषा सीखने तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने बताया कि भैंसों के कारोबार से जुड़े ये लोग मजदूरी का काम भी करते थे और ट्रेन का इंतजार करते हुए शाम के समय भजन और कीर्तन गाते थे. वे चाय मंगवाते थे और बातचीत का सिलसिला चलता रहता था. इसी माहौल में हिंदी उनके लिए रोजमर्रा की भाषा बनती चली गई.
निखिल कामथ ने पूछा था हिंदी का राज
पॉडकास्ट में निखिल कामथ ने अपनी हिंदी को लेकर भी बात की और मोदी से पूछा कि वह हिंदी इतनी सहजता से कैसे बोल लेते हैं. इसके जवाब में मोदी ने कहा कि कई लोग उन्हें पहले उत्तर भारत का व्यक्ति समझ लेते थे, जबकि उनका बचपन गुजरात में बीता. उन्होंने अपनी हिंदी का श्रेय रेलवे स्टेशन पर लोगों से हुए इसी शुरुआती संवाद को दिया.
2001 से लगातार सरकार के प्रमुख
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने और वर्तमान में प्रधानमंत्री के रूप में तीसरा लगातार कार्यकाल पूरा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, निखिल कामथ के साथ उनका पॉडकास्ट संवाद जनवरी 2025 में हुआ था.
Source: कहानी में मुख्य विवरण प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित निखिल कामथ के साथ बातचीत के रिकॉर्ड से मिलान किए गए हैं.