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India Daily

कभी लोकसभा में केवल दो सीटें, आज देश के 20+ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर कब्जा, कुछ ऐसे हुआ BJP का उदय

दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी के आज 46 साल पूरे हो गए. इस पार्टी की शुरुआत लोकसभा में दो सीटों से हुई थी लेकिन अब 20 से भी ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सत्ता में काबिज है.

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Edited By: Shanu Sharma
कभी लोकसभा में केवल दो सीटें, आज देश के 20+ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर कब्जा, कुछ ऐसे हुआ BJP का उदय
Courtesy: X (@TVG_BJP, @pamelagoswami9, @IamTheStory__)

भारतीय जनता पार्टी अभी के समय पर दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. बीजेपी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का भी रिकार्ड तोड़ दिया है. एक समय पर लोकसभा में इस पार्टी के केवल दो सांसद थे और आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सहयोगियों के साथ मिल कर सत्ता पर काबिज है.

6 अप्रैल 1980 में जन्म लेने वाली पार्टी के आज 46 साल पूरे हो गए. आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के हर एक सदस्यों के लिए बेहद खास है, क्योंकि आज के दिन ही इस पार्टी की स्थापना की गई  थी. तो चलिए जानते हैं कैसे अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में इसकी शुरुआत हुई.

कैसे शुरू हुई बीजेपी की कहानी?

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से पहले 1951 में  भारतीय जनसंघ की स्थापना की गई थी. इस पार्टी की स्थापना कभी कांग्रेस के बड़े नेता रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी. हालांकि 1951 में वैचारिक मतभेद के बाद मुर्खजी ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी. इस पार्टी को राष्ट्रवादी विचारधारा और हिंदुत्व आधारित राजनीति के लिए जाना जाता था. लेकिन जब देश में इमरजेंसी लागू किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ अत्याचार किए  गए तो जनसंघ सहित कई दलों ने मिलकर जनता पार्टी का निर्माण किया और फिर यहां से भारतीय राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ. हालांकि जनता पार्टी में भी मतभेद होने लगे थे, जिसके बाद अंत में 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया गया. 

अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी

इस पार्टी ने मूल रूप से जनसंघ की विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे को व्यवस्थित किया. भारतीय जनता पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी को बनाया गया. उन्होंने 1980 में पार्टी की स्थापना के समय यह जिम्मेदारी संभाली थी. अटल अपनी उदार छवि, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और सभी के लिए स्वीकार्य नेतृत्व के लिए जाने जाते थे. हालांकि इसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने राम जन्मभूमि आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया.

13 दिन में गिर  गई थी सरकार

जिस भाजपा को 1984 लोकसभा चुनाव में केवल 2 सीटें मिली थी, उसे 1989 के चुनाव में 85 सीटों पर जीत मिली. इसके बाद पार्टी को तबतक की सबसे बड़ी जीत मिली, कार्यकर्ताओं की मेहनत सफल हुई और 120 सीटों पर जीत मिली. 1996 में एक बार फिर कोशिश अच्छी रही, लेकिन वाजपेयी की सरकार केवल 13 दिनों में सीमट गई. उसके केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व में 1998 में सरकार बनी और 13 महीने तक चली. 1999 में फिर लोकसभा चुनाव हुए और केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी जो पांच साल तक चली. इसके बाद कांग्रेस का फिर का राज 2004 से2014 तक चला. लेकिन पार्टी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2014 में आया. जब बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई. तब से लेकर अभी तक केंद्र में बीजेपी की सरकार है. हालांकि 2024 में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा और गठबंधन की सरकार बनानी पड़ी.