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भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत खराब, AIIMS दिल्ली में एडमिट; जानें हेल्थ अपडेट

LK Advani Admitted To AIIMS: भारत रत्न और भाजपा के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ गई है. उन्हें दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया है. फिलहाल, देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री आडवाणी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. 96 साल के आडवाणी ने इसी साल मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भारत रत्न से नवाजा था. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है.

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भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत खराब, AIIMS दिल्ली में एडमिट; जानें हेल्थ अपडेट
Courtesy: Social Media

LK Advani Admitted To AIIMS: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता लाल कृष्ण आडवाणी को गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, भाजपा नेता की हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है. देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री आडवाणी को 30 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत रत्न से सम्मानित किया था.

8 नवंबर 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में जन्मे आडवाणी 1942 में एक स्वयंसेवक के रूप में आरएसएस में शामिल हुए थे. 1986 से 1990 तक, फिर 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक आडवाणी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. आडवाणी ने 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद से सबसे लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम किया है.

तीन दशक लंबा रहा है संसदीय करियर

लगभग तीन दशकों के संसदीय करियर में, लालकृष्ण आडवाणी पहले गृह मंत्री थे और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी (1999-2004) के मंत्रिमंडल में उप प्रधानमंत्री थे. एम्स के प्रवक्ता के मुताबिक, भाजपा के सीनियर नेता 96 साल के लालकृष्ण आडवाणी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया. एम्स के प्रवक्ता ने बताया कि आडवाणी की हालत स्थिर है और उन्हें जेरिएट्रिक (बुजुर्गों का इलाज करने वाला विभाग) के डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

हालांकि, अस्पताल ने सीनियर भाजपा नेता की हालत के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी, लेकिन मामले से परिचित लोगों के अनुसार, आडवाणी उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं. आडवाणी देश के 7वें उपप्रधानमंत्री रहे थे. 10वीं और 14वीं लोकसभा में लालकृष्ण आडवाणी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे. साल 1970 में आडवाणी पहली बार राज्यसभा सांसद बने. करीब 19 साल बाद यानी 1989 में उन्हें पहली बार लोकसभा सांसद चुना गया था. वे 7 बार लोकसभा और 4 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं.

लोकसभा में लंबे समय तक रहे हैं विपक्ष के नेता

लालकृष्ण आडवाणी लंबे समय तक लोकसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं. साथ ही उन्होंने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व में ही पहली बार रथयात्रा निकली थी, जो गुजरात के सोमनाथ से शुरू होते हुए अयोध्या में खत्म हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, आडवाणी 15 साल की उम्र के आसपास ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी RSS में शामिल हो गए थे.

करीब 24 साल की उम्र में यानी 1951 में आडवाणी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भारतीय जनसंघ के मेंबर बने थे.इसके बाद उन्हें जनसंघ में संसदीय मामलों के प्रभारी, महासचिव और दिल्ली का अध्यक्ष बनाया गया था. 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा की स्थापना हुई तो वे पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. आडवाणी तीन बार पार्टी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

सिंधी हिंदू परिवार से आने वाले एलके आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को पाकिस्तान के कराची में हुआ था. 1947 में विभाजन के बाद वे भारत आ गए थे. शुरुआत में उनका परिवार मुंबई में आकर रहा. उन्होंने मुंबई से ही अपने कॉलेज की पढ़ाई की. कमला आडवाणी से उन्होंने फरवरी 1965 में शादी की. दंपत्ति को एक बेटा (जयंत आडवाणी) और एक बेटी (प्रतिभा) है.

एलके आडवाणी के राजनीतिक करियर पर एक नजर

जन्म: 8 नवंबर 1927
पिता का नाम: किशन चंद आडवाणी
माता का नाम: ज्ञानी देवी आडवाणी

  • 1936 से 1942: कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ाई, 10वीं में टॉप किया.
  • 1942: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में शामिल हुए
  • 1942: भारत छोडो आंदोलन के दौरान गिडूमल नैशनल कॉलेज में एडमिशन लिया
  • 1944: कराची के मॉडल हाई स्कूल में टीचर की नौकरी की
  • 12 सितंबर, 1947: बंटवारे के बाद सिंध से मुंबई आए
  • 1947-1951: अलवर, भरतपुर, कोटा, बुंडी और झालावार में आरएसएस के प्रचार रहे
  • 1957: अटल बिहारी वाजपेयी की मदद के लिए दिल्ली शिफ्ट हुए
  • 1958-63: दिल्ली प्रदेश जनसंघ में सचिव का पदभार संभाला.
  • 1960-1967: जनसंघ के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में शामिल हुए
  • फरबरी 25, 1965: कमला आडवाणी से शादी की
  • अप्रैल 1970: पहली बार राज्यसभा सांसद बने
  • दिसंबर 1972: भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष चुने गए
  • 26 जून, 1975: बंगलुरु में इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तार हुए
  • मार्च 1977 से जुलाई 1979: देश के सूचना एंव प्रसारण मंत्री रहे
  • मई 1986: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने
  • 1980-86: भारतीय जनता पार्टी के महासचिव बनाए गए
  • 3 मार्च 1988: दोबारा भाजपा के अध्यक्ष बने
  • 1988: केंद्र सरकार में गृह मंत्री बनाए गए
  • 1990: सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली
  • अक्टूबर 1999 से मई 2004: केंद्रीय मंत्री रहे.
  • जून 2002 से मई 2004: देश के उपप्रधानमंत्री रहे