बांग्लादेश में हिंदु आस्था पर आक्रमण, 200 साल पुराने 'पवित्र पेड़' को आरी से काटा, वीडियो में देखें मुस्लिम कट्टरपथियों की घिनौनी करतूत
Bangladesh Hindu Under Attack: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनके परिवार व संपत्तियों को खतरा है, अब उन्हें पूजा करने से भी रोका जा रहा है, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो गई है.
Bangladesh Hindu Under Attack: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब एक ताजा मामला सामने आया है जहां अल्पसंख्यक हिंदुओं को पूजा-पाठ से रोकने के लिए कट्टरपंथियों ने 200 साल पुराने पवित्र वट वृक्ष को ही काट डाला. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ लोग आरी से पेड़ की शाखाएं काट रहे हैं और आसपास भारी भीड़ जमा है.
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष यानी बरगद का पेड़ अत्यंत पूजनीय होता है. माना जाता है कि इस पेड़ में त्रिदेव - ब्रह्मा, विष्णु और महादेव का वास होता है. बांग्लादेश के जिस बरगद को काटा गया, वह हिंदू समुदाय के लिए एक पूजा स्थल की तरह था, जहां नियमित रूप से अनुष्ठान होते थे. लेकिन कट्टरपंथियों को यह मंजूर नहीं था.
हिंदू आबादी में भारी गिरावट
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां हिंदू आबादी घटकर 8% से भी कम रह गई है. धर्मांतरण, हिंसा और सरकारी संरक्षण के अभाव के कारण अब हिंदू जनसंख्या करीब सवा करोड़ पर सिमट गई है.
सरकार बदलते ही बढ़ा अत्याचार
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में नई सरकार के आते ही हालात और बिगड़े हैं. हिंदू विरोधी तत्वों का बोलबाला बढ़ गया है. कुछ महीने पहले ही बांग्लादेश में कई हिंदुओं की हत्या और उनके मंदिरों पर हमले की खबरें सामने आई थीं.
नफरत की राजनीति उजागर
200 साल पुराने वट वृक्ष को काटने की घटना न सिर्फ धार्मिक असहिष्णुता का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि कट्टरपंथी किस हद तक जाकर नफरत फैला रहे हैं. यह हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो धर्मनिरपेक्षता और मानवता में विश्वास रखता है.