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'बांग्लादेश संभालिए, जरूरत पड़ी तो हम करेंगे मदद...', भारत ने जनरल वकार-उज-जमान को दिया गुरुमंत्र

बांग्लादेश और भारत सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे के करीब हैं. शेख हसीना के नेतृत्व में साल 2014 के बाद से दोनों देश, व्यापारिक और रणनीतिक रूप से एक-दूसरे के और करीब आए हैं. अचानक शेख हसीना के इस्तीफे और वहां फैली अराजकता की वजह से संबंध अस्थिर हो गए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वहां के सैन्य प्रमुख से कहा है कि जल्द से जल्द सेना को शांति बहाल करने के लिए काम करना होगा.

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भारत ने हिंसाग्रस्त बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकार-उज-जमान से संपर्क किया है. भारत ने साफ संदेश दिया है कि जितनी जल्दी हो सके, बांग्लादेश में शांति-व्यवस्था बहाल कर दी जाए. देश में फैली अराजकता को सेना काबू में करे. नरेंद्र मोदी सरकार ने आर्मी चीफ के साथ संपर्क किया है और कहा है कि देश में शांति बहाली के लिए हर मदद देने के लिए भारत तैयार है. शेख हसीना सोमवार को ही बांग्लादेश से आनन-फानन में जान बचाकर दिल्ली पहुंची हैं.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री (अब पूर्व) शेख हसीना के इस्तीफे के बाद से हालात और बेकाबू हो गए हैं. प्रदर्शनकारी पीएम आवास तक घुस आए और उन्होंने जमकर वहां लूटपाट की. कुछ लोग एसी लेकर फरार हो गए, कुछ लोगों ने साड़ियां चुरा लीं तो कुछ लोग किचन में टूट पड़े. शेख हसीना ने भारत से मदद मांगी थी, जिसके बाद भारत ने प्रोटेक्शन के साथ उनके विमान को हिंडन एयरबेस पर उतारा. वे कितने दिन भारत में रहेंगी, इसे लेकर भी भारत ने उन्हीं पर फैसला छोड़ दिया है. 

विदेश मंत्री ने संसद में क्या-क्या कहा है?

- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'हम अपने डिप्लोमेटिक मिशनों के जरिए बांग्लादेश में रह रहे हिंदुस्तानी लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं. वहां करीब 19,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से लगभग 9000 छात्र हैं. जुलाई में ज्यादातर छात्र वापस लौट आए हैं.'

- विदेश मंत्री ने कहा, 'हम अल्पसंख्यकों के हालात, वहां के मंदिरों की सुरक्षा पर भी नजर रख रहे हैं. उनकी सुरक्षा के लिए कई समूह और संगठन आगे आए हैं. हम कानून और व्यवस्था बहाल होने तक बांग्लादेश पर गहराई से नजर रखेंगे. हमने अपने सीमा सुरक्षा बलों को सतर्क रहने का आदेश दिया है.'

- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, '5 अगस्त को कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी ढाका में जुट गए थे. हमारी समझ ये कहती है कि सुरक्षा तंत्र के साथ हुई बैठक के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा देने का फैसला किया. उन्होंने बेहद शॉर्ट नोटिस पर हमें भारत आने का अनुरोध भेजा, बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुरोध को हमने स्वीकार किया. हमने फ्लाइट क्लियरेंस दी. वे रविवार शाम को ही दिल्ली में आए हैं.'

सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ?

विदेश मंत्री एस जयशंकर से सर्वदलीय बैठक में सवाल हुआ कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन कैसे हुआ, क्या पाकिस्तान ने दखल दिया है या किसी अन्य विदेशी ताकत ने हस्तपक्षेप किया है. विदेशमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के भूमिका की जांच की जा रही है, हमारी इस पर नजर है.