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संकट में बांग्लादेश, संसद में हुई सर्वदलीय बैठक, किसने जताई चिंता, किसने किया अलर्ट? पढ़ें एक-एक डीटेल

भारत के पड़ोसी राज्य जब-जब मुश्किलों में फंसते हैं, तब-तब भारत को उन्हें बाहर निकालने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता है. बांग्लादेश में भी ऐसे ही हालात बन रहे हैं. शेख हसीना के खिलाफ आरक्षण विरोधी जन आंदोलन इतना उग्र हो गया कि उन्हें इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा. अब वे भारत से लंदन के लिए रवाना होने वाली हैं. संसद में बांग्लादेश की स्थिति को लेकर एक सर्वदलीय बैठक हुआ है.

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संकट में बांग्लादेश, संसद में हुई सर्वदलीय बैठक, किसने जताई चिंता, किसने किया अलर्ट? पढ़ें एक-एक डीटेल
Courtesy: Social Media

केंद्र सरकार ने बांग्लादेश के राजनीतिक सकंट को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. बैठक में सभी दल इस बात पर सहमत हुए हैं कि सरकार को बांग्लादेश सकंट पर नजर रखनी होगी और अपने देश की सुरक्षा के लिए रणनीति तैयार करनी होगी. बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता, श्रीलंका सकंट की याद दिला रही है. देश में शेख हसीना सरकार की विदाई हो गई है, आरक्षण के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं और जगह-जगह हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बांग्लादेश पर हुए सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद रहे. 

बैठक में किन मुद्दों का हुआ जिक्र?

संसद की सर्वदलीय बैठक के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने X पर पोस्ट किया, 'मैंने सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश की स्थिति के बारे में हर जानकार दी.' विदेश मंत्री ने कहा है सरकार, हर जानकारी शेयर करेगी. बांग्लादेश में 12-13000 हिंदू नागरिक रहते हैं. अभी स्थिति ऐसी नहीं है कि उनके रेस्क्यू की जरूरत पड़े.

किसने क्या कहा?

RJD सांसद मनोज झा ने कहा, 'मेरा पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर, बांग्लादेश में बीते कुछ सप्ताह के घटनाक्रमों पर नजर रख रहे होंगे और उनके पास इसे लेकर एक ब्लू प्रिंट होगा.  हमारा मानना है कि अक्सर लोग सोशल मीडिया के दौर में त्वरित प्रतिक्रिया देते हैं. ऐसा नहीं है कि यह आंदोलन सिर्फ कोटा को लेकर भड़का होगा, यह बहुस्तरीय तरीके से हुआ होगा. एक एक्स्ट्रीम दर्शन था, कोटा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला था, लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं हुआ. ऐसे ही नहीं शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा है. हमें इसका विश्लेषण करना होगा. हमारे रिश्तों की ऐतिहासिकता ऐसी रही है. हमारे रिश्ते बांग्लादेश से बेहतर रहा है. एक छद्म लोकतंत्र का नतीजा यही रहा है.'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बांग्लादेश के साथ रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने विदेश नीति के भविष्य को लेकर चिंता जताई है. बांग्लादेश की घटनाओं के मद्देनजर वे सरकार से गंभीर प्रतिक्रिया चाहते हैं. राहुल गांधी ने सरकार की ओर से जानकारी मिलने के बाद अपना समर्थन भी जताया है. उन्होंने यह भी सवाल कि क्या बांग्लादेश की त्रासदी के लिए विदेशी घटनाक्रम जिम्मेदार हैं. उन्होंने चिंता जताई है.
 

बैठक में किन नेताओं ने लिया हिस्सा?

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, डीएमके नेता टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, टीएमसी नेता सुदीप बंधोपध्याय, मीसा भारती, अरविंद सावंत (UBT), बीजेपी के सस्मित पात्रा और एनसीपी की सुप्रिया सुले के बड़े नेता मौजूद रहे. विपक्षी नेताओं के साथ-साथ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू,  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्‌डा ने भी बैठक में हिस्सा लिया.