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बदलापुर स्कूल कांड; आरोपी की मां बोली- अगर मेरा बेटा दोषी है, तो उसे मौत की सजा दी जाए

ठाणे जिले के बदलापुर में बच्चियों से यौन शोषण के आरोपी की मां का बड़ा बयान सामने आया है. आरोपी की मां ने कहा है कि अगर मेरा बेटा दोषी है, तो उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए. जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों में तीन बार शादी कर चुका आरोपी अपने परिवार के साथ खरवई गांव में रहता है. फिलहाल, बदलापुर की एक अदालत ने आरोपी की हिरासत 26 अगस्त तक बढ़ा दी है.

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बदलापुर स्कूल कांड; आरोपी की मां बोली- अगर मेरा बेटा दोषी है, तो उसे मौत की सजा दी जाए
Courtesy: social media

बदलापुर स्कूल कांड के आरोपी की मां ने कहा है कि अगर उसका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने गुरुवार को कहा कि अगर मेरे बेटे ने कुछ गलत किया है, तो अदालत को उसे मौत की सजा देनी चाहिए. आरोपी की मां स्कूल के एक अलग सेक्शन में सफाईकर्मी का काम करती है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने पिछले दो सालों में तीन बार शादी की है और उसकी तीसरी पत्नी अब पांच महीने की प्रेग्नेंट है. आरोपी बदलापुर के खरवई गांव में अपनी मां, पिता, छोटे भाई और पत्नी के साथ रहता है. घटना के बाद भीड़ की ओर से उसके घर में तोड़फोड़ किए जाने के बाद परिवार के लोग अपनी जान को लेकर डरे हुए हैं. हालांकि, पुलिस ने वहां सुरक्षा बढ़ा दी है.

स्कूल में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने से पहले आरोपी अपनी मां के साथ हाउसिंग सोसायटी में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करता था. सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पहली दो पत्नियां शादी के तुरंत बाद ही उसे छोड़कर चली गई थीं. मामले के लिए गठित एसआईटी ने आठ टीमें गठित की हैं. एसआईटी ने गुरुवार को स्कूल का दौरा किया और स्कूल की ओर से निलंबित की गई दो महिला अटेंडेंट के बयान दर्ज किए. एसआईटी ने अन्य तकनीकी डिटेल भी एकत्र किए और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर को जब्त कर लिया, जिसके बारे में स्कूल ने कहा कि घटना के सामने आने से 15 दिन पहले तक ये काम नहीं कर रहा था.

कोर्ट ने 26 अगस्त तक बढ़ाई आरोपी की हिरासत

बदलापुर की एक कोर्ट ने दो नर्सरी छात्राओं के साथ यौन शोषण के आरोपी की हिरासत 26 अगस्त तक बढ़ा दी है. इस मामले की जानकारी के बाद हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण इंटरनेट सर्विस भी सस्पेंड कर दी गई थी और स्कूल बंद कर दिए गए थे. मामले में लापरवाही के सामने आने के बाद कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले को तेज़ी से निपटाने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है. आरोपी को 17 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया था.

विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों को जाम कर दिया था और स्कूल की बिल्डिंग पर धावा बोल दिया था. साथ ही घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल, एक क्लास टीचर और एक महिला अटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया था. उधर, राज्य सरकार ने लोगों के आक्रोश को देखते हुए कथित लापरवाही के लिए सीनियर इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था.

मंगलवार की सुबह गुस्साए अभिभावक और स्थानीय लोग, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं, स्कूल के बाहर एकत्र हुए और रेलवे स्टेशन पर 'रेल रोको' प्रदर्शन किया, जिससे सुबह करीब 8.30 बजे से लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं थीं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में तोड़फोड़ भी की थी. साथ ही, गेट, खिड़कियां, बेंच और दरवाजे तोड़ दिए थे.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सीनियर आईपीएस अधिकारी आरती सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल के गठन की घोषणा की, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वादा किया कि मामले की तेजी से जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.