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Ayodhya Ke Ram: काशी में बने सहस्त्र कलश से होगा रामलला का जलाभिषेक, जानें बड़ी बात

Ayodhya Ke Ram: प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त का समय काशी के ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री ने निकाला है. यज्ञ कुंड की पूजन सामग्री भी काशी से अयोध्या भेजी जा रही है.

Amit Mishra
Edited By: Amit Mishra
Ayodhya Ke Ram: काशी में बने सहस्त्र कलश से होगा रामलला का जलाभिषेक, जानें बड़ी बात

Ayodhya Ke Ram: 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अयोध्या में बने भव्य और दिव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे. प्राण प्रतिष्ठा से पहले 17 जनवरी को रामलला के विग्रह का नगर भ्रमण होगा और 18 जनवरी से राम जन्मभूमि पर प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा. भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर में इस अनुष्ठान के लिए काशी ने अपनी भूमिका को निभाना शुरू कर दिया है. 

काशी की है अहम भूमिका 

यजमान के रूप में जहां काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान रामलला को विराजमान कराएंगे. वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त का समय काशी के ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री ने निकाला है. इतना ही नहीं अनुष्ठान कराने वाले ब्राह्मण और आचार्य काशी से हैं. यज्ञ कुंड की पूजन सामग्री भी काशी से अयोध्या भेजी जा रही है.

काशी के नाम एक और योगदान 

राम मंदिर में अब काशी के योगदान में एक और कड़ी जुड़ने जा रही है. 22 जनवरी को जब भगवान राम गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे तो उसके बाद प्रभु श्रीराम का अभिषेक सहस्त्र कलश से किया जाएगा यही नहीं इस एतिहासिक अनुष्ठान में मौजूद 121 ब्राह्मण जिन जर्मन सिल्वर के पात्रों में जल लेने के साथ ही भगवान का आचमनी करेंगे, जिस श्रृंगी का इस्तेमाल अभिषेक के लिए किया जाएगा वो सबकुछ वाराणसी की तंग गलियों में बन कर तैयार हो चुका है.

करेसा परिवार कर रहा है कड़ी मेहनत 

वाराणसी के काशीपुरा निवासी लालू कसेरा अपने परिवार की पांचवी पीढ़ी हैं जो तमाम धातुओं से मंदिर में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों के साथ-साथ मंदिर के गर्भगृह में लगने वाले धातुओं के पत्तर से पर अपनी शिल्पकारी का हुनर दिखाते हुए उसे भव्य रूप दे रहे हैं. 20 दिसंबर को लालू करेसा को आर्डर मिला कि उन्हें अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने रामलला के मंदिर में अनुष्ठान के लिए 125 कमंडल आचमनी पात्र और एक कटोरे जैसा पात्र बनाना साथ ही एक अभिषेक कलश भी बनाकर तैयार करना है. इस कशल में 1008 छिद्र होते है इसी सहस्त्र कलश से प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्री राम का अभिषेक किया जाएगा. 

खुद को गौरवान्वित मान रहा है परिवार 

आर्डर मिलने के बाद कसेरा परिवार कड़ी मेहनत करते हुए आर्डर को तैयार करने में जुटा है. जर्मन सिल्वर से बने कुछ पात्र तैयार हो चुके हैं तो कुछ पर अभी काम चल रहा है. ये काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा. बहरहाल, काशी का ये परिवार रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के इस महा उत्सव में शामिल होकर अपने को गौरवान्वित मान रहा है.