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जीरो ग्रेविटी पर गाजर का हलवा, शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ISS पर शेयर किया घर की मिठास वाला स्वाद

इस खास पल को साझा करते हुए अंतरिक्ष यात्री जॉनी किम ने कहा, “इस मिशन की सबसे अविस्मरणीय शामों में से एक थी, जब मैंने Ax-4 पर नए दोस्तों के साथ भोजन साझा किया.

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Edited By: Mayank Tiwari
जीरो ग्रेविटी पर गाजर का हलवा, शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ISS पर शेयर किया घर की मिठास वाला स्वाद
Courtesy: Social Media

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने न केवल विज्ञान को अंतरिक्ष तक पहुंचाया, बल्कि भारतीय संस्कृति की मिठास भी बिखेरी. उन्होंने ISRO और DRDO द्वारा विशेष रूप से अंतरिक्ष यात्रा के लिए तैयार किए गए गाजर के हलवे को अपने साथ ले जाकर एक साधारण शाम को सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया. यह दिल छू लेने वाला पल एक्सियॉम मिशन 4 (Ax-4) के दौरान हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय एकता और भाईचारे का प्रतीक बना. 

 अंतरिक्ष में भारतीय स्वाद का जादू

शुभांशु शुक्ला ने अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ गाजर का हलवा साझा किया, जो इस मिशन का मुख्य आकर्षण बन गया. इस अनौपचारिक दावत में अंतरिक्ष के लिए उपयुक्त विविध व्यंजनों का समावेश था, जिसमें रिहाइड्रेटेड श्रिम्प कॉकटेल, स्वादिष्ट चिकन फजिटास, क्रैकर्स, और स्वीट ब्रेड, कंडेन्स्ड मिल्क व अखरोट से बना एक रचनात्मक डेजर्ट शामिल था. ये व्यंजन चालक दल की अंतरराष्ट्रीय भावना को दर्शाते थे, लेकिन गाजर का हलवा सबसे अधिक चर्चा में रहा. यह भारतीय मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब थी, बल्कि यह पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बनी.  

अंतरिक्ष यात्रियों का कैसा रहा अनुभव! 

इस खास पल को साझा करते हुए अंतरिक्ष यात्री जॉनी किम ने कहा, “इस मिशन की सबसे अविस्मरणीय शामों में से एक थी, जब मैंने Ax-4 पर नए दोस्तों के साथ भोजन साझा किया. हमने कहानियां साझा कीं और इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि कैसे विभिन्न पृष्ठभूमि और देशों के लोग अंतरिक्ष में मानवता का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक साथ आए.” 

 संस्कृति और एकता का संदेश

शुभांशु और उनके सहयोगी अंतरिक्ष यात्रियों की यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि पृथ्वी से सुदूर अंतरिक्ष में भी, साधारण परंपराएं जैसे मिठाई साझा करना हमें घर जैसा अहसास करा सकती हैं. यह घटना भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहुंच और अंतरिक्ष में मानवीय एकता को रेखांकित करती है.