CM हिमंत के डिलीट किए गए 'पॉइंट-ब्लैंक' वीडियो पर विपक्ष ने साधा निशाना, लगाए ये आरोप

असम बीजेपी द्वारा जारी एक वीडियो पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को प्रतीकात्मक हिंसा से जोड़ने के आरोप लगे हैं. विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक नफरत और हिंसा भड़काने वाला बताया.

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Km Jaya

नई दिल्ली: असम BJP के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को प्रतीकात्मक रूप से मुसलमानों पर बहुत करीब से गोली चलाते हुए दिखाया गया. जिससे तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई और हिंसा भड़काने के आरोप लगे. इसके बाद बढ़ते गुस्से के बीच इसे हटाना पड़ा.

'पॉइंट ब्लैंक शॉट' कैप्शन वाले इस वीडियो में सरमा को एयर राइफल चलाते हुए दिखाया गया था. जिसके बीच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाए गए विजुअल्स थे, जिसमें गोलियां टोपी और दाढ़ी वाले पुरुषों की तस्वीरों पर लग रही थीं, जो साफ तौर पर मुस्लिम पहचान से जुड़े मार्कर थे. स्क्रीन पर 'विदेशी मुक्त असम' और 'कोई दया नहीं' जैसे टेक्स्ट फ्लैश हो रहे थे, साथ ही अन्य वाक्यांश भी थे जिन्हें आलोचकों ने खुले तौर पर सांप्रदायिक बताया.

विपक्ष ने क्या लगाया आरोप?

विपक्ष ने हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस ने वीडियो की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'बेहद घृणित और परेशान करने वाला' बताया और इसे ट्रोल कंटेंट बताकर खारिज करने के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया.

BJP के आधिकारिक असम प्रदेश हैंडल ने एक वीडियो पोस्ट किया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, 'पॉइंट-ब्लैंक' हत्या को महिमामंडित करता हुआ प्रतीत होता है. पार्टी ने अपने ऑफिशियल हैंडल पर शेयर किए गए एक बयान में कहा, 'यह बड़े पैमाने पर हिंसा और नरसंहार का आह्वान है.' उसने न्यायपालिका से दखल देने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री से कार्रवाई की बहुत कम उम्मीद है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल ने भी यही आरोप दोहराया, उन्होंने लिखा कि यह वीडियो 'ऊपर से फैलाया गया जहर' है और बिना किसी नरमी के कार्रवाई की मांग की. 

तृणमूल और अन्य ने क्या की आलोचना?

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की असम इकाई ने वीडियो को 'दिखावटी खून-खराबा' बताया और सत्ताधारी पार्टी पर नफरत को सामान्य बनाने का आरोप लगाया. पार्टी ने लिखा, 'कल्पना कीजिए कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री एक पार्टी वीडियो में मुसलमानों पर सीधे गोली चलाने का अभिनय कर रहा है, जो इतना अश्लील है कि कड़ी प्रतिक्रिया के बाद उसे हटाना पड़ा. इसे 'राज्य द्वारा समर्थित कट्टरपंथ' कहा.