भोपाल में RSS प्रमुख मोहन भागवत के लव जिहाद पर दिए भाषण के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है. AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि BJP और RSS को संसद में लव जिहाद के मामलों के आधिकारिक आंकड़े और स्पष्ट कानूनी परिभाषा पेश करनी चाहिए. ओवैसी ने इसे गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि वयस्कों के व्यक्तिगत विवाह और संबंध के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट किया कि लव जिहाद का कोई आधिकारिक कानूनी स्वरूप नहीं है. उन्होंने BJP और RSS से सवाल किया कि वे पिछले 11 वर्षों में लव जिहाद के कितने मामले दर्ज हुए और उनकी परिभाषा क्या है. ओवैसी ने कहा कि बिना आधिकारिक आंकड़ों और स्पष्ट कानूनी परिभाषा के इस शब्द का इस्तेमाल केवल भय और भ्रम फैलाने के लिए किया जा रहा है.
शनिवार को भोपाल में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवारों के भीतर संवाद और बच्चों के साथ परंपरा एवं संस्कृति पर चर्चा करके हल किया जा सकता है. उन्होंने महिलाओं से सतर्क रहने और परिवारों में संवाद बढ़ाने की सलाह दी थी. भागवत के अनुसार, परिवारों में बातचीत की कमी के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं.
ओवैसी ने कहा कि 18 या 21 वर्ष की उम्र के वयस्कों को अपने विवाह और व्यक्तिगत संबंधों के निर्णय लेने का कानूनी अधिकार है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के संबंध या शादी के फैसले को राजनीतिक विचारधारा या किसी पार्टी के एजेंडे से तय नहीं किया जा सकता. उन्होंने इसे मौलिक संवैधानिक अधिकार बताया.
ओवैसी ने BJP और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बेरोजगारी, लद्दाख में सीमा तनाव और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी प्रतिष्ठान इन गंभीर मुद्दों पर जवाब देने में असफल रहा है और लव जिहाद जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है.
ओवैसी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार को भी निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि पवार का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने वाला है और उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा में पुनः राज्यसभा के लिए आवश्यक संख्या बल हासिल नहीं है. इस तरह उन्होंने राजनीतिक समीकरणों पर सवाल उठाए और बहस को और गहरा किया.