असम में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस हुए, जिससे लोग डर के मारे अंधेरे में ही अपने घरों से बाहर निकल गए. ऑफिशियल बुलेटिन से मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई और यह आज यानी सोमवार सुबह 4.17 बजे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर मोरीगांव जिले में रिकॉर्ड किया गया.
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि भूकंप 50 किलोमीटर की गहराई में आया था, जिसका केंद्र 26.37 N अक्षांश और 92.29 E देशांतर पर था. हालांकि इस झटके में किसी तरह की हताहत की खबर अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों किनारों पर झटके आए हैं.
भूकंप सुबह-सुबह आया, इस दौरान कई लोग आंधी नींद में ही थे. जिसकी वजह से यह झटका ज्यादा लोगों को महसूस नहीं हो पाया. हालांकि इसके बावजूद कामरूप मेट्रोपॉलिटन, नगांव, पूर्वी और पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण सलमारा मनकाचर और गोलपारा के निवासियों ने झटके महसूस होने की सूचना दी. इसके अलावा दरांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुरी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर सहित कई उत्तरी जिलों में भी झटके महसूस किए गए.
भूकंप का असर असम असम से आगे तक महसूस हुआ. मध्य पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूरे मेघालय राज्य, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल से भी झटके महसूस होने की खबरें आईं. भूकंपीय रिपोर्ट के अनुसार, झटके इतने तेज़ थे कि मध्य पूर्वी भूटान, चीन और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि भोर से पहले अचानक आए भूकंप के झटके ने लोगों को नींद से जगा दिया और कई लोगों को अपने घरों से बाहर खुले इलाकों में भागने पर मजबूर कर दिया. चूंकि यह क्षेत्र एक उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है, इसलिए भूकंप असामान्य नहीं हैं, लेकिन सोमवार सुबह के झटके ने कई लोगों को चौंका दिया.