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Arvind Kejriwal: व्हाट्सएप चैट, फेसटाइम कॉल, ED गिरफ्तारी की बड़ी वजह! CM केजरीवाल की कोर्ट में पेशी

Arvind Kejriwal: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है.. ईडी आज उन्हें कोर्ट में पेश करेगी. कल बीती रात ईडी की गिरफ्तारी के बाद CM केजरीवाल को ईडी के लॉकअप में रखा गया.

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Arvind Kejriwal Arrested: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीते गुरुवार रात आबकारी नीति मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. ईडी आज उन्हें कोर्ट में पेश करेगी. गोवा में चुनावों के लिए पैसा ट्रांसफर करने के लिए हवाला ऑपरेटरों का उपयोग करने, व्हाट्सएप चैट और CM केजरीवाल के करीबी सहयोगियों और कथित उत्पाद शुल्क के संबंध में रिश्वत लेने को आधार बनाते हुए ED ने देर रात कानूनी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया. 

केजरीवाल ने ईडी के नौ समन नहीं भेजे. उनका पालन नहीं करने पर IPC की धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए. ED द्वारा एकत्र किए गए सबूतों के साथ-साथ यह कार्रवाई की गई है. समन को CM केजरीवाल की तरफ से राजनीतिक और अवैध कहकर टालना और कोर्ट में उसके खिलाफ चुनौती देना ED की कानूनी कार्रवाई का सबसे बड़ा कारण बना. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी ऐसी ही कोशिशें की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

'व्हाट्सएप बातचीत और फेसटाइम कॉल के सबूत' 

ईडी के सूत्रों के मुताबिक आरोपी और मुख्यमंत्री या सीएम के करीबी सहयोगियों या सहयोगियों के बीच कुछ व्हाट्सएप बातचीत और फेसटाइम कॉल के सहित सबूत हैं, जो दिल्ली सरकार के कुछ वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की मिलीभगत का संकेत देते हैं. दिल्ली का कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाला जुलाई 2022 में केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव नरेश कुमार द्वारा उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना को दायर की गई एक रिपोर्ट पर आधारित है. 

इस मामले में मनीष सिसोदिया सलाखों के पीछे 

विनय कुमार ने आरोप लगाया कि तत्कालीन उत्पाद शुल्क मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा मनमाने और एकतरफा फैसले लिए गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि नई नीति से सरकारी खजाने को वित्तीय नुकसान हुआ जबकि कुछ आप नेताओं और मंत्रियों को रिश्वत मिली. मामले को सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया और फरवरी में सिसौदिया को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद ईडी ने पॉलिसी के मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच के लिए जांच अपने हाथ में ले ली.

जानें ED समन के कानूनी पहलू

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, जो पहले CBI और ED में कार्यरत थे. उन्होंने कहा "कोई भी ईडी समन या केंद्रीय या राज्य जांच एजेंसी जारी किए गए किसी भी समन को अवैध नहीं कह सकता है. वे यह निर्णय नहीं कर सकते कि क्या कानूनी है या क्या अवैध है. अगर किसी को समन से कोई समस्या या आपत्ति है तो कानूनी समाधान के रास्ते हैं. वे अदालत जा सकते हैं और समन को रद्द करवा सकते हैं लेकिन जब तक ऐसा नहीं होता, उन्हें सम्मन का पालन करना होगा."