कांग्रेस पर अमित शाह ने कर दिया करारा प्रहार, कच्चाथीवू की खुली पोल तो लिया आड़े हाथ
Amit Shah on Kachchatheevu Island: आरटीआई के जरिए कच्चाथीवू द्वीप को लेकर हुए खुलासे के बाद भाजपा के नेता कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हैं.
Amit Shah on Kachchatheevu Island: 1974 में कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार द्वारा कच्चाथीवू द्वीप को स्वेच्छा से श्रीलंका को देने पर गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस पर करारा वार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस पर कोई पछतावा भी नहीं है.
राइट टू इनफार्मेशन के अधिकार के तहत एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि तत्कालीन प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी की सरकार के 1974 में कच्चातीवू के रणनीतिक द्वीप को श्रीलंका को सौंपा था. इसी पर अमित शाह ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस केवल "देश को विभाजित करना या तोड़ना" चाहती थी.
देश के खिलाफ कांग्रेस- शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिख- कांग्रेस के लिए धीमी तालियां बजाई जाएं. कच्चाथीवू द्वीप को इन्होंने छोड़ दिया और इसका इन्हें जरा भी पछतावा नहीं है. कांग्रेस का कोई न कोई कभी देश को बांटने के लिए तो कभी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बदनाम करने के लिए बातें करता है. कांग्रेस का यह रवैया इस बात को दर्शाता है कि वह देश की अखंडता और एकता के खिलाफ हैं. ये सिर्फ देश को तोड़ना और बांटना चाहते हैं.
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नरेंद्र मोदी ने भी साधा निशाना
कच्चाथीवू द्वीप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आंखें खोलने वाली और चौंका देने वाली बात सामने आई है. नए तथ्यों से पता चला है कि कैसे कांग्रेस ने निर्दयतापूर्वक कच्चाथीवू को छोड़ दिया. इससे हर भारतीय नाराज हैं. लोगों अब कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर सकते. भारत की एकता, अखंडता और हितों को कमजोर करना ही कांग्रेस का काम करने का तरीका रहा है.
पहले दोनों देशों का था कच्चाथीवू द्वीप
भारत और श्रीलंका के बीच कच्चाथीवू द्वीप को उपयोग दोनों देशों मछुआरे किया करते थे. लेकिन 1974 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत-श्रीलंकाई समुद्री समझौते (Indo-Sri Lankan Maritime agreement) के तहत इस आईलैंड को श्रीलंका का हिस्सा मान लिया था.