अपनी ही फोटो पर चढ़ाया माला फिर रिटायर्ड फौजी ने किया सुसाइड, नोट में किए चौंकाने वाले दावे; जांच में जुटी पुलिस
राजस्थान के अनूपगढ़ में एक रिटायर्ड सैनिक की मौत के मामले में पुलिस को आठ पन्नों का सुसाइड नोट मिला है. नोट में परिवार के लिए भावुक संदेश के साथ कुछ गंभीर आरोप और दावे भी किए गए हैं.
श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ से एक रिटायर्ड सैनिक की मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. 65 वर्षीय अमर सिंह अपने घर में मृत पाए गए. घटना के बाद पुलिस को मौके से आठ पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें परिवार और पुलिस के नाम अलग अलग पत्र लिखे गए हैं.
नोट में उन्होंने कुछ गंभीर दावे किए हैं, जिनकी अब पुलिस गहन जांच कर रही है. फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुसाइड नोट में लिखी बातों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के अनुसार घटना के समय अमर सिंह घर में अकेले थे. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी. घटनास्थल से मिले दस्तावेजों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. पुलिस का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है.
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परिवार के नाम लिखे पत्र में क्या कहा?
परिवार के नाम लिखे पत्र में अमर सिंह ने अपनी पत्नी कलावती देवी से माफी मांगी और दोनों बेटों से उनकी देखभाल करने की अपील की. उन्होंने यह भी लिखा कि कुछ दिन पहले उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था, जिसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है. इसके अलावा उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोटे बेटे को देने की इच्छा भी पत्र में जताई.
स्टेशन हाउस ऑफिसर के नाम लिखे पत्र में अमर सिंह ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनकी पहचान एक महिला से हुई थी, जो एक गैर सरकारी संगठन से जुड़ी थी. उनके अनुसार, महिला के अनुरोध पर उन्होंने एक युवती की मानवीय आधार पर मदद की थी. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि युवती अपने घर से बिना बताए आई थी और सुरक्षा की मांग कर रही थी.
सुसाइड नोट में क्या किया दावा?
सुसाइड नोट में अमर सिंह ने दावा किया कि इस घटना के बाद कुछ अज्ञात लोग उनसे भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे थे. उन्होंने लिखा कि कुछ लोगों ने उनके बारे में पड़ोस में पूछताछ भी की. इसके चलते उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका होने लगी थी. उन्होंने यह भी लिखा कि वह देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर सकते हैं, लेकिन सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी परिस्थिति में साझा नहीं करेंगे.
अनूपगढ़ थाना प्रभारी करतार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में लगाए गए सभी आरोपों और दावों की गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस तकनीकी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल करेगी. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नोट में लिखे गए दावों में कितनी सच्चाई है. अमर सिंह वर्ष 2009 में भारतीय सेना से एमटी ड्राइवर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में एसबीआई लाइफ में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे.