नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा चुनाव से पहले आज अंतरिम बजट पेश करेंगी. वित्त मंत्री के रूप में यह उनका छठा और मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होगा. अंतरिम बजट लोकसभा चुनाव के बाद सरकार बनने तक बीच की अवधि की वित्तीय जरूरतों का ख्याल रखेगा. उसके बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी.
2019 में पीएम किसान योजना का हुआ ऐलान
मोदी सरकार के कार्यकाल का दूसरा अंतरिम बजट में कुछ बड़ा ऐलान नहीं होने की चर्चा है. ऐसे में हमें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान 2019 के अंतरिम बजट पर नजर डालना चाहिए. जिसमें कई बड़े ऐलान किये गए थे. साल 2019 में मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान करते हुए पीएम किसान योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत किसानों को अपनी खेती में मदद के लिए चार महीने के अंतराल पर साल में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त यानी प्रति वर्ष 6000 दी जाती है. इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.
देशभर में असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे कामगारों के लिए भारत सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना चलाई जाती है. इस योजना की शुरूआत का ऐलान साल 2019 के अंतरिम बजट में किया गया था. इस योजना के तहत 100 या 55 रुपये प्रतिमाह के योगदान पर 60 साल के बाद 3000 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है. इस स्कीम में 18 से 40 साल तक के श्रमिक खुद को रजिस्टर करा सकते हैं. इसमें आपको हर महीने कम से कम 55 रुपये और मैक्सिमम 200 रुपये हर महीने 60 साल की उम्र तक जमा करना है. इतनी ही राशि सरकार भी जमा करेगी. आप जैसे ही अपनी उम्र 60 साल पूरा करेंगे आप पेंशन के हकदार हो जाएंगे. इस स्कीम के तहत आपको हर महीने पेंशन आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होता रहेगा.
2019 के अंतरिम बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग के लोगों राहत देते हुए 10 हजार रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ा दी थी. पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 रुपए था, जो बढ़ाकर 50000 रुपए किया गया था. चर्चा है कि सरकार अंतरिम बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर सकती हैं.
2019 में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गरीब परिवारों को आगे बढ़ाने के लिए 10% आरक्षण को पूरा करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में 25% अतिरिक्त सीटें दी जाएंगी. वहीं 2019 में रक्षा बजट पहली बार 3,00,000 करोड़ रुपये का पेश किया गया था, जबकि रेलवे के लिए 1,58,658 करोड़ रुपये का बजट ऐलान किया गया था. जो मोदी सरकार की ओर से किया गया बड़ा ऐलान था.
संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ. अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 2023 देश के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष था. देश ने सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने की गति बरकरार रखी है. बजट सत्र मुख्य रूप से 2024-25 के अंतरिम केंद्रीय बजट से संबंधित वित्तीय व्यवसाय और प्रस्ताव पर चर्चा के लिए और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन के लिए होगा. लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी सत्र इस साल अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है.