कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब पार्टी नेतृत्व और शशि थरूर के बीच मतभेद की चर्चाएं तेज थीं. बैठक के बाद थरूर ने साफ कहा कि “सब ठीक है” और वे कांग्रेस नेतृत्व के साथ “एक ही पेज पर” हैं.
यह बैठक संसद भवन परिसर में खड़गे के कक्ष में हुई और करीब एक घंटे से अधिक चली. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी इस चर्चा में मौजूद थे. बैठक के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बातचीत सकारात्मक, रचनात्मक और अच्छी रही.
दरअसल, शशि थरूर हाल ही में एक अहम AICC मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे, जिसमें आगामी केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होनी थी. उसी समय उनकी मौजूदगी केरल लिटरेचर फेस्टिवल में देखी गई, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की बातें सामने आने लगीं.
Thanks to @INCIndia President @kharge ji and LS LoP @RahulGandhi ji for a warm and constructive discussion today on a wide range of subjects. We are all on the same page as we move forward in the service of the people of India. pic.twitter.com/T5l8jqkhUT
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) January 29, 2026
इससे पहले शशि थरूर ने कहा था कि यदि कोई मुद्दे हैं, तो वे उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर सुलझाना चाहते हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी भी कांग्रेस की आधिकारिक लाइन का उल्लंघन नहीं किया है.
केरल लिटरेचर फेस्टिवल में थरूर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उनका रुख स्पष्ट है और वे इस पर अडिग हैं. उन्होंने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने एक लेख लिखा था, जिसमें कहा गया था कि ऐसी घटनाओं का कड़ा और प्रभावी जवाब दिया जाना चाहिए.
इस बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी में कोई बड़ी दरार नहीं है. शशि थरूर का बयान और नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात यह दिखाती है कि कांग्रेस फिलहाल एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहती है, खासकर चुनावी दौर से पहले.