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'खुद को बहुत ताकतवर कहते थे, जिसने हराया उसको हटा नहीं पा रहे...', अखिलेश यादव ने BJP नेताओं पर कसा तंज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश इन दिनों फुल फॉर्म में हैं. संसद में उन्होंने जमकर भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है. उन्होंने संसद भवन के अंदर जाने से ठीक पहले कहा था कि ये सरकार, हादसों का रिकॉर्ड कायम करना चाहती है. उन्होंने लोकसभा में बीजेपी की कम सीटें आने पर भी तंज कसा है.

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर मची कलह का मजाक उड़ाया है. उन्होंने मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के बीच जारी तकरार का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में जबसे हारे हैं, तब से एक-दूसरे से हाथ नहीं मिला पा रहे हैं, ये असली दर्द है.

अखिलेश यादव ने संसद में कहा, 'सभापति महोदय. शायद मंत्री जी नहीं रहे इसलिए तकलीफ ज्यादा है. हमारा दर्द आप नहीं समझोगे. हम आपका दर्द चेहरे से पढ़ते हैं. दर्द मैं बताता हूं. सभापति महोदय दर्द मैं बाताता हूं.'

अखिलेश यादव ने कहा, 'उत्तर प्रदेश में जबसे हारे हैं, तब से कोई नमस्कार नहीं कर रहा है, तकलीफ वो है आपको. वो वीडियो हमने देखा है कि कोई किसी को नमस्कार नहीं कर रहा है, कोई किसी को देख नहीं रहा है. और जो अपने आप को बहुत ताकतवर कहते थे, जिसे हराया, उसे नहीं हटा पा रहे. अब बात समझ में नहीं आया रही है न.'

अखिलेश यादव कहना क्या चाहते हैं?

अखिलेश यादव ने यह तंज, योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नेतृत्व के बीच जारी अनबनों को लेकर कहा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक के बाद, जब मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी, तब उस बैठक में कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि पीएम नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह से योगी आदित्यनाथ खुश नहीं हैं.

दरअसल बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गेट से आ रहे होते हैं, सारे नेता खड़े हो जाते हैं और उन्हें हाथ जोड़कर नमस्कार करते हैं. सीएम योगी अपना हाथ नीचे रखते हैं और नमस्कार नहीं करते हैं. इस वीडियो को लेकर यह कहकर शेयर कर रहे हैं कि योगी और मोदी में अब चुनाव के बाद चीजें बदल गई हैं.

' जिसने हराया, हटा नहीं पा रहे हैं?' अखिलेश ने ये किसलिए कहा

यूपी में बीजेपी महज 33 सीटों पर सिमट गई. समाजवादी पार्टी के खाते में 37 सीटें आ गईं. साल 2019 में बीजेपी के पास कुल 65 सीटें थीं, उससे पहले साल 2014 के चुनाव में बीजेपी ने 71 सीटें हासिल की थीं. अब ऐसा कहा जा रहा है कि सीएम योगी की सरकार और संगठन में अनबन की वजह से बीजेपी सीटें हार गईं. अखिलेश ने यह इशारा किया कि हार के बाद भी योगी को बीजेपी नहीं हटा पा रही है, क्योंकि वे इतने ताकतवर हैं कि बगावत हो सकती है, इसलिए वे उन्हें नहीं हटा रहे हैं.