नई दिल्ली: बुधवार की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए शोक का संदेश लेकर आई. मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड लियरजेट 45 लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनका निजी सुरक्षा अधिकारी और चालक दल के सदस्य सवार थे. हादसे के बाद विमान में आग लग गई और कई विस्फोट हुए. पूरे राज्य में इस त्रासदी से दुख और स्तब्धता फैल गई.
सुबह करीब आठ बजे मुंबई से उड़ान भरने वाला यह विमान बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश कर रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नियंत्रण बिगड़ते ही विमान जमीन से टकराया और आग की लपटों में घिर गया. कुछ ही क्षणों में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी. बचाव का कोई मौका नहीं मिला और विमान पूरी तरह नष्ट हो गया.
इस उड़ान को कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शांभवी पाठक संचालित कर रहे थे. कैप्टन कपूर के पास लगभग सोलह हजार घंटे का उड़ान अनुभव था. उन्होंने सहारा, जेटलाइन और जेट एयरवेज के साथ काम किया था. कैप्टन शांभवी पाठक ने मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स में पढ़ाई की और न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण लिया था.
विमान संचालक कंपनी वीएसआर एविएशन के अनुसार, दुर्घटना के समय क्षेत्र में दृश्यता बेहद खराब थी. पायलट ने पहली बार लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन रनवे स्पष्ट न दिखने पर मिस्ड अप्रोच किया गया. इसके बाद दूसरी कोशिश में हादसा हुआ. कंपनी ने दावा किया कि विमान तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित था.
वीएसआर एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी वीके सिंह ने दोनों पायलटों को अत्यंत कुशल और जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि कैप्टन कपूर उनके करीबी मित्र थे और कैप्टन शांभवी उनके लिए परिवार जैसी थीं. सिंह ने स्पष्ट किया कि विमान का रखरखाव मानकों के अनुसार था और किसी तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं है.
नागर विमानन महानिदेशालय ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. जांच में मौसम, उड़ान प्रक्रिया और तकनीकी आंकड़ों का अध्ययन किया जा रहा है. अजित पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बैठकों में शामिल होने जा रहे थे. इस हादसे ने महाराष्ट्र को झकझोर दिया है और हर ओर शोक की लहर है.