निशाने पर थे मासूम या कुछ और...? अहमदाबाद में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का पाकिस्तान कनेक्शन
Ahmedabad School Bomb Threat Updates: तीसरे चरण की वोटिंग से एक दिन पहले अहमदाबाद के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में बड़ा अपडेट आया है. अब तक की जांच में बम धमाके की धमकी का पाकिस्तान कनेक्शन निकला है. कहा जा रहा है कि धमकी पाकिस्तान के फैसलाबाद में बैठे एक शख्स ने दी थी.
Ahmedabad School Bomb Threat Updates: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग से एक दिन पहले अहमदाबाद के स्कूलों में धमाकों की धमकी वाले मेल का पाकिस्तानी कनेक्शन निकला है. पुलिस ने कहा कि धमकियां खुद को तौहीद लियाकत बताने वाले एक शख्स ने दी थी. उसका इरादा लोकसभा चुनाव के बीच लोगों के में भय और दहशत पैदा करना था.
अहमदाबाद शहर की क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात में लोकसभा चुनाव से एक दिन पहले यानी 6 मई को अहमदाबाद के कम से कम 36 स्कूलों को बम धमाके वाला ईमेल पाकिस्तान के फैसलाबाद से आया था. पुलिस ने कहा कि धमकियां खुद को तौहीद लियाकत बताने वाले एक शख्स ने जारी की थीं.
अब तक की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के मुताबिक, धमकी वाला ईमेल एक रूसी डोमेन नाम (mail.ru) से भेजे गए थे. अब तक की जांच से पता चला है कि पाकिस्तान के फैसलाबाद के मिलिट्री कैंप से ये धमकियां भेजीं गईं थीं. अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी शरद सिंघल ने कहा कि जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया पर भारत विरोधी प्रचार करता है.
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अहमदाबाद शहर के 32 स्कूलों और अहमदाबाद ग्रामीण के 4 स्कूलों को धमकी रूसी डोमेन (mail.ru) के माध्यम से भेजे गए थे. बम का पता लगाने और तलाशी के बाद उसी दिन पुलिस द्वारा इसे अफवाह करार दिया था. स्कूलों के कैंपस में डॉग स्क्वायड और क्राइम ब्रांच की टीमें पहुंचीं थीं. ये मेल दिल्ली-एनसीआर के 100 से अधिक स्कूलों को उसी रूसी डोमेन से इसी तरह की धमकियां मिलने के कुछ दिनों बाद मिले थे.
तकनीकी निगरानी के जरिए आऱोपी का लगाया पता
अधिकारी ने कहा कि धमकी की जानकारी के बाद ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की गई. पुलिस ने कहा कि आरोपी स्नैपचैट, ट्विटर, आईसीक्यू (क्रॉस-प्लेटफॉर्म इंस्टेंट मैसेजिंग सॉफ्टवेयर) जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग नाम से मौजूद है.
क्राइम ब्रांच के अनुसार, कथित पाकिस्तानी एजेंटों की ओर से हनीट्रैपिंग की एक जांच के दौरान भी आरोपी का नाम सामने आया है. सिंघल ने कहा, आगे की जांच गुजरात आईबी, सेंट्रल आईबी, आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस), एनटीआरओ, रॉ और ऐसी अन्य केंद्रीय एजेंसियों की मदद से की जाएगी.
जिन स्कूलों को धमकी भरा ईमेल मिला उनमें बोपल में डीपीएस और आनंद निकेतन, एसजी हाईवे पर उदगाम स्कूल, घाटलोदिया में कैलोरक्स स्कूल, चांदखेड़ा में केंद्रीय विद्यालय और एयरपोर्ट रोड पर आर्मी कैंटोनमेंट शामिल है.