कौन हैं तुकाराम मुंडे, जिनकी कार्रवाई से महाराष्ट्र के चर्चित होटलों में मचा हड़कंप! 25 तबादलों वाले अफसर की कहानी
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे अपने सख्त प्रशासनिक रवैये, लगातार तबादलों और खाद्य-सुरक्षा कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं. जानिए गांव से IAS बनने और चर्चित पोस्टिंग्स तक उनका सफर.
25 मई को महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालने के बाद तुकाराम मुंडे लगातार कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं. उनके नेतृत्व में राज्यभर में थोक विक्रेताओं, निर्माताओं, दुकानदारों और रेस्टोरेंट्स की जांच तेज हुई है. नियमों की गंभीर अनदेखी मिलने पर लाइसेंस निलंबन, सैंपल जब्ती और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए गए हैं.
21 साल में 25 तबादलों की चर्चा
मुंडे की पहचान सिर्फ उनके मौजूदा पद से नहीं, बल्कि उनके पूरे प्रशासनिक करियर से जुड़ी है. 21 वर्षों की सेवा में उनके करीब 25 तबादले हुए हैं. अलग-अलग पोस्टिंग और कड़े फैसलों ने उन्हें ऐसा अधिकारी बनाया, जिनके नाम के साथ अक्सर सख्त और जमीन पर उतरकर काम करने वाली प्रशासनिक शैली का जिक्र होता है.
किसान परिवार से IAS तक
3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताडसौना गांव में जन्मे मुंडे का बचपन किसान परिवार में बीता. जिला परिषद स्कूल में पढ़ाई के साथ उन्हें खेत के काम में भी हाथ बंटाना पड़ता था. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद उन्होंने 2004 में UPSC परीक्षा पास की. उन्हें ऑल इंडिया रैंक 20 मिली और 2005 बैच के IAS अधिकारी बने.
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सोलापुर का ‘वॉटर मैन’
2014 में सोलापुर के जिलाधिकारी रहते हुए मुंडे ने पानी के संकट पर खास जोर दिया. जलयुक्त शिवार अभियान के जरिए कई गांवों में जल-संरक्षण के काम आगे बढ़े और टैंकरों पर निर्भरता कम करने की कोशिश हुई. इसी दौर में उन्हें ‘वॉटर मैन ऑफ महाराष्ट्र’ के नाम से पहचान मिली.
नवी मुंबई में सड़क पर प्रशासन
नवी मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त रहते हुए भी उनका अंदाज अलग रहा. अवैध निर्माण पर कार्रवाई, प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह में सुधार और नागरिक समस्याओं को सीधे समझने के लिए सुबह के निरीक्षण उनके कार्यकाल की पहचान बने. उनका ‘वॉक विद कमिश्नर’ अभियान भी काफी चर्चित हुआ.
मुंबई के बड़े ठिकाने FDA के रडार पर
उनके मौजूदा कार्यकाल में FDA की कार्रवाई कई चर्चित प्रतिष्ठानों तक पहुंची. नूर मोहम्मदी होटल, शालीमार रेस्टोरेंट, K Rustom & Co, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब और जुहू जिमखाना जैसे प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता और खाद्य-सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मिलने के बाद कार्रवाई हुई. कीटों की मौजूदगी, खराब सैनिटेशन, गलत भंडारण और अनुपालन संबंधी कमियां जांच का हिस्सा रहीं.
आयुर्वेदिक दवा कंपनियों पर भी शिकंजा
12 अगस्त को FDA ने राज्यभर में आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं की जांच शुरू की. 434 लाइसेंसधारी इकाइयों की जांच में 135 को कारण बताओ नोटिस दिए गए, जबकि 10 के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए गए. निरीक्षण में योग्य तकनीकी कर्मचारियों की कमी, खराब गुणवत्ता नियंत्रण, जरूरी परीक्षण उपकरणों का अभाव, अस्वच्छ परिसर और अधूरे रिकॉर्ड जैसी खामियां सामने आईं.
क्यों खास है मुंडे का अंदाज?
तुकाराम मुंडे की कहानी एक ऐसे नौकरशाह की है, जिसकी पहचान सिर्फ कुर्सी से नहीं बल्कि कार्रवाई से बनी है. गांव के किसान परिवार से निकलकर IAS तक पहुंचे मुंडे अब FDA की जिम्मेदारी के जरिए खाद्य और औषधि सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी सख्त प्रशासनिक छाप छोड़ रहे हैं.