4 साल की मासूम से की दरिंदगी, खिलाने के बहाने घर ले गया था 15 साल का चाचा; पुलिस ने पकड़ा

बिहार के समस्तीपुर जिले के अंगारघाट थाना क्षेत्र में 4 साल की बच्ची के साथ यौन अपराध का आरोप उसके 15 वर्षीय चाचा पर लगा है. पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में लिया है. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक बच्ची को खेलाने के बहाने घर ले जाने की बात सामने आई है.

AI
Babli Rautela

बिहार के समस्तीपुर जिले से 4 साल की बच्ची के साथ यौन अपराध का बेहद गंभीर मामला सामने आया है. अंगारघाट थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोर पर अपनी ही 4 साल की भतीजी के साथ यौन अपराध करने का आरोप लगा है. पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बच्ची की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. पुलिस की जांच और मेडिकल प्रक्रिया के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

खेलाने के बहाने घर ले जाने का आरोप

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है. बच्ची उस समय घर के बाहर खेल रही थी. आरोप है कि उसका 15 वर्षीय चाचा उसे खेलाने के बहाने अपने घर ले गया. बताया गया है कि उस समय घर में आरोपी की मां मौजूद नहीं थीं और उसकी बहनें भी बाहर थीं. इसी दौरान बच्ची के साथ कथित तौर पर अपराध किया गया. घटना के बाद बच्ची अपने घर पहुंची और परिजनों को मामले की जानकारी दी. इसके बाद परिवार की ओर से पुलिस को सूचना दी गई.

पुलिस ने आरोपी किशोर को हिरासत में लिया

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है. पुलिस की ओर से उसके नशे के आदी होने की बात भी सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की स्थिति को लेकर जांच जारी है. आरोपी की उम्र 15 वर्ष होने के कारण उसके खिलाफ सामान्य वयस्क आरोपी की तरह प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी. उसे किशोर न्याय व्यवस्था के तहत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किए जाने की प्रक्रिया की गई है.


बच्ची का कराया गया मेडिकल परीक्षण

पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया है. जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही हैं. ऐसे मामलों में पुलिस के लिए पीड़िता की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है. बच्ची की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.

क्योंकि आरोपी की उम्र 18 वर्ष से कम बताई गई है, इसलिए मामले में किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है. आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाना है. मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके संबंध में उपलब्ध सभी साक्ष्य क्या कहते हैं.