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India Daily

'तिरंगा फहराना गुनाह है क्या?', सौरव-रांका को तिहाड़ भेजने पर भड़के अभिजीत दिपके

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को बेल बॉन्ड की शर्तों और BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'तिरंगा फहराना गुनाह है क्या?', सौरव-रांका को तिहाड़ भेजने पर भड़के अभिजीत दिपके
Courtesy: Pinterest

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की कोशिश करना कोई गुनाह नहीं है. दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दोनों नेताओं को जेल भेजे जाने पर नाराजगी जाहिर की.

अभिजीत दिपके ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सौरव दास और आशुतोष रांका की गलती क्या थी. उन्होंने कहा कि दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की कोशिश की.

INDIA ब्लॉक के साथ मकसद एक

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी एक स्वतंत्र संस्था है और हमेशा स्वतंत्र रहेगी. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि CJP, INDIA ब्लॉक के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दोनों के आंदोलन का मकसद एक ही है.

बेल बॉन्ड की शर्त तोड़ने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है. पुलिस ने दोनों पर भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का दोबारा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने उन्हें रिपीट ऑफेंडर बताते हुए उनके पिछले आचरण का भी हवाला दिया.

पुलिस के अनुसार, इसी आधार पर दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. वहीं, अजिंक्य शिंदे को 5 हजार रुपये का पीस बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा कर दिया गया. SEM कोर्ट ने उन्हें छह महीने तक अशांति न फैलाने का आदेश दिया है.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश

जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत CJP के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर इलाके में पहुंच गए. यहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की. इसके बाद तीनों को हिरासत में लिया गया.

इससे पहले शनिवार को भी अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण उस समय CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सका था. तीनों को एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.

अब दोबारा कार्रवाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा है कि तिरंगा फहराने की कोशिश को अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए.