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फांसी या आजीवन कारावास? नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड में आज मुस्कान-साहिल को सजा सुनाएगी कोर्ट

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर आज फैसला होना है.

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Edited By: Reepu Kumari
फांसी या आजीवन कारावास? नीले ड्रम सौरभ हत्याकांड में आज मुस्कान-साहिल को सजा सुनाएगी कोर्ट
Courtesy: Pinterest

Meerut Blue Drum Murder: करीब डेढ़ साल पहले सामने आए इस मामले ने मेरठ ही नहीं, पूरे देश में लोगों को झकझोर दिया था. आरोप था कि सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में सीमेंट के साथ छिपा दिए गए. पुलिस ने जांच के बाद उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया. अब अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद दोनों की सजा को लेकर सबकी नजरें फैसले पर टिकी हैं.

इस मामले में अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी. अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की. सौरभ के परिवार की ओर से 22 गवाह पेश किए गए थे.

22 गवाहों के बयान बने मुकदमे का अहम हिस्सा

सौरभ के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय बहादुर के मुताबिक, मुकदमे में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. इनमें परिवार के सदस्यों और दोस्तों के अलावा उन दुकानदारों की गवाही भी शामिल थी, जिनसे ड्रम, दवाइयां, चाकू, सीमेंट और रेत खरीदे जाने की बात सामने आई. 

जेल में मुस्कान से मिलने क्यों नहीं पहुंचा परिवार?

मेरठ जेल के अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मीडिया को बताया कि जेल में शुरुआत के दौरान मुस्कान और साहिल को नशे की लत से बाहर निकालने में तीन से चार महीने लगे. उनके अनुसार, साहिल से पहले उसकी दादी मिलने आती थीं और बाद में उसका भाई भी मिलने पहुंचने लगा. इसके विपरीत, अब तक मुस्कान से मिलने उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं आया है. जेल से मिली यह जानकारी मामले के मानवीय पहलू को भी सामने लाती है.

बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान

जेल अधीक्षक के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में बेटी को जन्म देने के बाद मुस्कान का झुकाव धार्मिक गतिविधियों की ओर बढ़ा है. वह अपनी करीब साढ़े छह साल की बेटी से मिलना चाहती है, लेकिन बेटी फिलहाल अपनी मां से मिलने को तैयार नहीं है. मुस्कान को बताया गया है कि वह परिवार को पत्र लिखकर बेटी से मुलाकात कराने का अनुरोध कर सकती है. जेल अधिकारियों के अनुसार, मुस्कान और साहिल दोनों अपने मामले की मौजूदा स्थिति से परिचित हैं.

लंदन से लौटे सौरभ, फिर सामने आई खौफनाक वारदात

सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे थे. अगले दिन घर में मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया और 28 फरवरी को उनकी बेटी पीहू का जन्मदिन था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च को सौरभ की हत्या की गई और शव के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया. इसके बाद 4 मार्च को मुस्कान बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई. आरोप है कि सौरभ के फोन से संदेश भेजकर परिवार को गुमराह किया गया.

17 मार्च को खुला राज, अब सजा पर निगाहें

17 मार्च 2025 को मामले का खुलासा हुआ, जब पुलिस ने घर में रखे नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े बरामद किए. इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था. अब 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जानी है. अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है, लेकिन अंतिम सजा का फैसला अदालत ही करेगी.