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कौन हैं जन्नत बिश्नोई? सुप्रीम कोर्ट मार्च में दिखीं राहुल गांधी के साथ

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता जन्नत बिश्नोई सोमवार को राहुल गांधी के साथ सुप्रीम कोर्ट मार्च में नजर आईं. वह NSUI से जुड़ी हैं और महिला सुरक्षा सहित पर्यावरण के मुद्दे उठाती रही हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
कौन हैं जन्नत बिश्नोई? सुप्रीम कोर्ट मार्च में दिखीं राहुल गांधी के साथ
Courtesy: X

दिल्ली में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर विपक्षी नेताओं के मार्च के दौरान एक युवा चेहरा चर्चा में रहा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ नजर आईं जन्नत बिश्नोई की तस्वीरें सामने आने के बाद लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं. मार्च में प्रियंका गांधी और नेहा बोरा भी राहुल गांधी के साथ मौजूद थीं.

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता हैं जन्नत

जन्नत बिश्नोई दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की एग्जीक्यूटिव काउंसलर हैं. वह कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से भी जुड़ी हैं. जन्नत दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं. वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं और छात्र राजनीति तथा विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं.

महिला सुरक्षा के मुद्दे उठाती हैं जन्नत

जन्नत बिश्नोई कॉलेज परिसरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी आवाज उठाती रही हैं. उनकी मांगों में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क और पिंक पुलिस बूथ जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा, वह पर्यावरण से जुड़े अभियानों में भी भाग ले चुकी हैं. इनमें राजस्थान के वृक्ष संरक्षण विधेयक से संबंधित अभियान भी शामिल है.

प्रदर्शनों में भी रही हैं सक्रिय

जन्नत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर NSUI के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रदर्शनों के वीडियो मौजूद हैं. एक वीडियो में वह महिलाओं के साथ प्रदर्शन करते हुए पितृसत्ता के खिलाफ नारे लगाती दिखाई देती हैं. यह प्रदर्शन दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा था. ये प्रदर्शन दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद हुए थे.

क्यों निकाला गया सुप्रीम कोर्ट तक मार्च?

सोमवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मार्च निकाला. पुलिस ने कुछ दूर चलने के बाद नेताओं को रोक दिया. इसी दौरान विपक्ष की कानूनी टीम ने चुनाव आयोग से जुड़े मामले में याचिका दायर की. बाद में राहुल गांधी ने भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की. मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है.