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सैलरी, पेंशन, डीए, डीआर: 8वें वेतन आयोग की शर्तें मंजूर, जानें कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैसे होगा फायदा?

सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव का लाभ मिलेगा. आयोग की रिपोर्ट 18 महीनों में आने की उम्मीद है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सैलरी, पेंशन, डीए, डीआर: 8वें वेतन आयोग की शर्तें मंजूर, जानें कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैसे होगा फायदा?
Courtesy: social media

केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग की शर्तें (ToR) मंजूर कर दी हैं, जिसके साथ ही देशभर के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस कदम बढ़ गया है. यह आयोग आने वाले वर्षों में वेतन, पेंशन और भत्तों की नई संरचना तय करेगा. सरकार ने आयोग को 18 महीने का समय दिया है और उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से नए वेतनमान और पेंशन दरें लागू हो सकती हैं. इससे व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की आय और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा.

सरकार ने शुरू की 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब आयोग औपचारिक रूप से काम शुरू करेगा. इसका दायरा वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा करना है, जिससे लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा. यह कदम लंबे समय से चल रही अनिश्चितताओं को खत्म करता है.

कितनी बढ़ सकती है सैलरी और पेंशन

विशेषज्ञों का अनुमान है कि वेतन और पेंशन में 30-34% तक की बढ़ोतरी संभव है. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जो इस बार 2.86 या उससे ऊपर जा सकता है. इससे कर्मचारियों की बुनियादी आय में उल्लेखनीय उछाल आएगा.

DA और DR पर भी होगा सीधा असर

बेसिक पे बढ़ने के साथ महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) ऑटोमेटिक रूप से बढ़ जाएगी. इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के असर से सुरक्षा मिलेगी. सभी संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जाएंगे.

कर्मचारी संगठनों की अतिरिक्त मांगें

कई यूनियनों ने पेंशन कम्यूटेशन अवधि 15 से घटाकर 12 वर्ष करने की मांग की है. साथ ही मेडिकल भत्ता 3,000 से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने और CGHS सेवाओं को और सुगम बनाने की मांग भी उठाई गई है.

65 लाख पेंशनर्स की चिंता पर विवाद

AIDEF ने आरोप लगाया है कि आयोग की शर्तों में पेंशन संशोधन का स्पष्ट उल्लेख नहीं है. उनका कहना है कि इससे 65 लाख पेंशनर्स की उम्मीदों को धक्का लगा है. सरकार की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.