5 साल में राजद्रोह और UAPA के कितने केस हुए दर्ज, सरकार ने लोकसभा में किया खुलासा
UAPA and Sedition cases: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 2018 से 2022 तक देशद्रोह और यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की जानकारी लोकसभा में दी है.
भारत में 2018 से 2022 तक राजद्रोह और देश के खिलाफ अपराधों के लिए 701 मामले दर्ज किए गए. वहीं, विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत 5,023 मामले दर्ज किए गए. ये जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में दी.
राजद्रोह के मामलों में कमी:
इस दौरान उन्होंने बताया कि 2021 में 149 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2022 में घटकर 68 रह गए.
यूएपीए के तहत मामलों में वृद्धि:
हालांकि इन मामलों में बढ़ोतरी देखने के लिए मिली है. 2021 में 814 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2022 में बढ़कर 1005 हो गए.
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गिरफ्तारी और आरोपपत्र:
इस अवधि में 788 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 500 लोगों के खिलाफ राजद्रोह और देश के खिलाफ अपराध के मामलों में आरोपपत्र दायर किया गया. 131 लोगों को बरी भी किया गया.
यह जानकारी महत्वपूर्ण क्यों है?
यह जानकारी देश में राजद्रोह और यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की स्थिति को दर्शाती है.
यह जानकारी नागरिकों को देश के कानूनों और उनके उल्लंघन के परिणामों के बारे में जागरूक करने में मदद करती है.
यह जानकारी कैसे उपयोगी हो सकती है?
यह जानकारी नागरिकों को देश के खिलाफ अपराधों से बचने में मदद कर सकती है.
यह जानकारी नागरिकों को देश के कानूनों के बारे में अधिक जानने में मदद कर सकती है.