'गहरा दुख', एक विस्फोट और उजड़ गए 12 भारतीय परिवार; कतर हादसे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया गहरा शोक
कतर के रास लाफान औद्योगिक नगर में हुए भीषण विस्फोट ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं.
कतर से आई एक दुखद खबर ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है. रास लाफान औद्योगिक नगर में हुए भीषण विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई. इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि होने के बाद कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना के बाद भारत सरकार और भारतीय दूतावास सक्रिय हो गए हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है. भारत सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस घटना ने विदेश में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है.
शोक में डूबे परिवार, सरकार ने संभाली जिम्मेदारी
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में एस. जयशंकर ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थनाएं मृतकों के परिजनों और घायलों के साथ हैं. विदेश मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और हालात पर नजर रखे हुए है.
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66 लोग घायल, कई देशों के नागरिक प्रभावित
कतर एनर्जी के अनुसार, विस्फोट और आग की इस घटना में कुल 13 लोगों की जान गई जबकि 66 लोग घायल हुए हैं. राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत स्थिर बताई गई है. घायलों में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और कतर के नागरिक भी शामिल हैं.
शुरुआती जांच में सामने आई दुर्घटना की वजह
कतर एनर्जी ने अपने बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह एक परिचालन दुर्घटना प्रतीत होती है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या शत्रुतापूर्ण गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं. कंपनी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.