8 करोड़ लोगों की किडनी खतरे में! शरीर पहले ही देता है 10 चेतावनी, नजरअंदाज किया तो देर हो जाएगी
किडनी हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है, जो खून को साफ करने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है. लेकिन आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल ने लाखों लोगों की किडनी को खतरे में डाल दिया है.
किडनी शरीर का ऐसा अंग है जो बिना शोर किए लगातार काम करता है, लेकिन जब यह बीमार पड़ता है तो पूरे शरीर की प्रणाली गड़बड़ा जाती है. डॉक्टरों के अनुसार, भारत में हर दस में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में किडनी की समस्या से ग्रसित है. बड़ी बात यह है कि अधिकतर लोग तब तक नहीं जानते जब तक बीमारी गंभीर स्तर तक नहीं पहुंच जाती. किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत अक्सर सामान्य थकान या सूजन जैसे मामूली लक्षणों के रूप में नजर आते हैं, जिन्हें लोग अनदेखा कर देते हैं.
अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. शरीर बार-बार कुछ खास संकेत देता है, जो इस बात का इशारा होते हैं कि आपकी किडनी अब मदद मांग रही है. आइए जानते हैं वो 10 चेतावनी संकेत जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपनी किडनी को सड़ने या फेल होने से बचा सकें.
शरीर में सूजन आना
चेहरे, टखनों या पैरों में सूजन किडनी के खराब होने का शुरुआती संकेत हो सकता है. किडनी जब शरीर से अतिरिक्त तरल बाहर नहीं निकाल पाती, तो ये तरल ऊतकों में जमा होने लगता है.
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पेशाब का रंग और मात्रा बदलना
अगर पेशाब झागदार, बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाए, तो यह भी किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है. इसके साथ जलन या दर्द महसूस होना भी चिंता का कारण है.
थकान और कमजोरी महसूस होना
किडनी के खराब होने पर शरीर में विषैले तत्व जमा हो जाते हैं, जिससे थकान, नींद की कमी और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है.
पीठ या कमर में दर्द
किडनी संक्रमण या स्टोन की वजह से पीठ या कमर के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है. इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
त्वचा का रूखापन और खुजली
किडनी के खराब होने से शरीर में खनिज और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे त्वचा सूखी और खुजलीदार हो जाती है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.