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प्यास लगने तक न करें इंतजार, एक गलती और हो सकते हैं लू का शिकार; जानिए बचाव के आसान तरीके

गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. सही समय पर लक्षण पहचानकर और आसान उपाय अपनाकर आप खुद को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं.

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Babli Rautela

गर्मी का मौसम आते ही शरीर पर इसका असर साफ दिखने लगता है. हल्की प्यास, थकान या सिर दर्द जैसी छोटी लगने वाली समस्याएं कई बार बड़ी बीमारी का संकेत बन जाती हैं. जब तापमान लगातार बढ़ता है तो शरीर से पानी तेजी से निकलता है और यही डिहाइड्रेशन और लू का कारण बनता है. अगर समय रहते इन संकेतों को नहीं समझा गया, तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है.

गर्मियों में तापमान ज्यादा होने की वजह से शरीर से पसीना अधिक निकलता है. इससे शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है. यही कारण है कि अस्पतालों में उल्टी, दस्त और कमजोरी के मरीज बढ़ने लगते हैं.

क्या है डिहाइड्रेशन?

डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है. यह हालत हल्की भी हो सकती है और गंभीर भी. कई बार यह जानलेवा भी साबित हो सकती है अगर समय पर ध्यान न दिया जाए. डिहाइड्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सबसे आसान तरीका है अपने यूरिन के रंग को देखना. अगर यूरिन गहरा पीला है, तो यह संकेत है कि शरीर में पानी की कमी हो चुकी है. इसके अलावा मुंह सूखना, चक्कर आना, कमजोरी और तेज प्यास भी इसके लक्षण हैं.

अक्सर लोग पानी पिते समय एक बड़ी गलती करते हैं. जब बहुत ज्यादा प्यास लगती है तो एक साथ ज्यादा पानी पी लेते हैं. यह तरीका गलत है. आपको दिनभर थोड़ी थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए. बहुत ठंडा पानी भी एकदम से नहीं पीना चाहिए क्योंकि यह शरीर पर असर डाल सकता है.

ऐसे रखें खुद को हाइड्रेट

गर्मी में सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि अन्य लिक्विड भी जरूरी होते हैं. हर 20 से 30 मिनट में कुछ न कुछ पीते रहें. आप पानी, छाछ, लस्सी या फलों का जूस ले सकते हैं. फल जैसे तरबूज, खरबूजा और अंगूर शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करते हैं. पसीना निकलने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. इस कमी को पूरा करने के लिए नींबू पानी, गन्ने का रस और फलों का सेवन बढ़ाना चाहिए. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ जरूरी पोषक तत्व भी देता है.