देश में फिर से बढ़ने लगे कोरोना के मामले, क्या हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होता है यह वायरस?

वैक्सीनेशन और पहले संक्रमण से बनी इम्यूनिटी की वजह से ज्यादातर लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा कम हो गया है. फिर भी यह वक्त है कि हम अपनी सेहत का ख्याल रखें और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की समीक्षा करें. कई लोग गलती से सोचते हैं कि कोविड से जुड़ा हर खर्च बीमा में ऑटोमैटिक कवर हो जाता है.

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Covid Cases Rising Again: देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं. आंध्र प्रदेश में कोविड से जुड़ी मौतों की खबरें आई हैं और कई शहरों में नए संक्रमण सामने आए हैं. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि यह 2021 जैसी स्थिति नहीं है. अस्पतालों में भीड़ नहीं है, ऑक्सीजन की कमी या आईसीयू पर दबाव नहीं दिख रहा है.

वैक्सीनेशन और पहले संक्रमण से बनी इम्यूनिटी की वजह से ज्यादातर लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा कम हो गया है. फिर भी यह वक्त है कि हम अपनी सेहत का ख्याल रखें और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की समीक्षा करें. कई लोग गलती से सोचते हैं कि कोविड से जुड़ा हर खर्च बीमा में ऑटोमैटिक कवर हो जाता है. लेकिन असलियत अलग है. कवरेज पूरी तरह पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है.

क्या कवर होता है? 
 
ज्यादातर अच्छी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं अब कोविड को सामान्य बीमारी की तरह ही देखती हैं. अगर आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़े, आईसीयू की जरूरत पड़े, डॉक्टर का इलाज चले या जरूरी जांच करानी पड़े तो ये खर्च आमतौर पर कवर होते हैं, बशर्ते पॉलिसी की अन्य शर्तें पूरी हों.


कवर में क्या नहीं होता है?

सबसे बड़ी समस्या घर पर इलाज कराने वालों के साथ है. आजकल ज्यादातर कोविड मरीज बिना अस्पताल गए ही ठीक हो जाते हैं. लेकिन पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क, सैनिटाइजर, विटामिन सप्लीमेंट्स और कुछ दवाइयां बीमा में शामिल नहीं होती हैं, जब तक आपकी पॉलिसी में डोमिसिलियरी केयर (घरेलू इलाज) का प्रावधान न हो.

टेली-कंसल्टेशन (ऑनलाइन डॉक्टर से सलाह) या घर पर नर्सिंग सेवाएं भी तभी कवर होती हैं जब पॉलिसी में इनका जिक्र साफ-साफ हो. कई पॉलिसीधारक इन छोटे-छोटे खर्चों को नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में क्लेम रिजेक्ट होने पर परेशान होते हैं.

अभी क्या करें?

अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें.
  
पता करें कि डोमिसिलियरी ट्रीटमेंट, होम केयर और आउट पेशेंट खर्च कवर होते हैं या नहीं.
  
जरूरत पड़ने पर एड-ऑन कवर या नई पॉलिसी लेने पर विचार करें.
  
कोविड के लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें और जरूरी टेस्ट करवाएं.

क्या सावधानी बरतें

मास्क पहनना, हाथ धोना, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहना अभी भी जरूरी है. हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन तैयार रहना समझदारी है. 

कोविड अब पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. हल्के लक्षणों में घर पर आराम और डॉक्टर की सलाह से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है, लेकिन खर्च का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. सही बीमा कवरेज होने से आर्थिक बोझ कम हो जाता है और आप बेफिक्र होकर इलाज पर ध्यान दे पाते हैं.