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19 साल की उम्र में बनी आठ साल के बच्चे की मां, टीवी से फिल्मों तक हर जगह चलाया अपना सिक्का

बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन आज 1 तारीख को अपना जन्मदिन मना रही है. कम उम्र में टीवी से शुरुआत से लेकर 12 फिल्मों से बाहर होने का दर्द. विज्ञापन में मां का किरदार, और फिर हिंदी सिनेमा में मजबूत पहचान. एक्ट्रेस का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है.

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Edited By: Babli Rautela
19 साल की उम्र में बनी आठ साल के बच्चे की मां, टीवी से फिल्मों तक हर जगह चलाया अपना सिक्का
Courtesy: Social Media

मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन का जन्म 1 जनवरी 1979 को मुंबई में हुआ था. अभिनय के प्रति उनका झुकाव बचपन से था. पढ़ाई के साथ साथ वह थिएटर से जुड़ी रहीं. हालांकि उनकी मां चाहती थीं कि वह अभिनय को करियर न बनाएं. इसके बावजूद विद्या ने अपने सपनों को कभी छोड़ा नहीं.

विद्या का अभिनय करियर छोटे पर्दे से शुरू हुआ. उन्हें एकता कपूर के लोकप्रिय शो में काम करने का मौका मिला. यह शो उनकी मां का पसंदीदा था. इसी वजह से घर से अनुमति मिल सकी. यहां उन्होंने करीब डेढ़ साल तक काम किया और कैमरे के सामने आत्मविश्वास पाया. यह शो था हम पांच जिसे एकता कपूर ने बनाया था.

टीवी छोड़ पढ़ाई की तरफ मोड़ा मुंह

कॉलेज की पढ़ाई के कारण विद्या ने टीवी शो छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने पढ़ाई पूरी करने पर ध्यान दिया. इसी दौरान उन्होंने कुछ विज्ञापनों में काम किया. एक विज्ञापन में वह महज 19 साल की उम्र में आठ साल के बच्चे की मां के किरदार में नजर आईं. यह अनुभव उनके लिए अनोखा था. इससे उन्हें अभिनय की विविधता समझने में मदद मिली.

एक फिल्म और 12 मौके हाथ से निकले

एक एड शूट के दौरान केरल में विद्या को दक्षिण भारत की एक फिल्म का प्रस्ताव मिला. यह फिल्म एक बड़े एक्टर के साथ थी. वह एक्टर थे मोहनलाल. फिल्म की शूटिंग शुरू होने के बाद भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका. इस एक घटना का असर बहुत गहरा पड़ा. बताया जाता है कि इस फिल्म के कारण उन्हें एक साथ 12 फिल्मों के ऑफर मिले थे. लेकिन जब यह फिल्म बंद हुई तो बाकी प्रोजेक्ट भी हाथ से निकल गए. यह दौर विद्या के लिए बेहद कठिन था. वह मानसिक रूप से टूट गई थीं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.

बॉलीवुड में नई शुरुआत

कई असफलताओं के बाद विद्या को हिंदी सिनेमा में बड़ा मौका मिला. साल 2005 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म से दर्शकों का ध्यान खींचा. यह फिल्म थी परिणीता. इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहा गया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

विद्या बालन ने अपने करियर में महिला किरदारों को नई पहचान दी. उन्होंने मजबूत. सच्चे और आत्मनिर्भर पात्र निभाए. उन्होंने यह साबित किया कि सफलता के लिए किसी तय ढांचे में फिट होना जरूरी नहीं. तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और कई सम्मान उनकी मेहनत का प्रमाण हैं.