नई दिल्ली: कार की डिग्गी में अचानक बंद हो जाना किसी को भी डरा सकता है. यह स्थिति सुनने में फिल्मी लगती है, लेकिन असल जिंदगी में भी ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर नई कारों में अंदर से बूट खोलने का फीचर दिया जाता है. सही जानकारी और थोड़ी समझदारी से बाहर निकलना संभव हो जाता है. बस घबराने की जगह उपलब्ध सुरक्षा फीचर को ढूंढकर सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है.
अगर इनका उपयोग सही समय पर किया जाए, तो मदद आने तक सुरक्षित रहा जा सकता है. यह जानकारी हर कार मालिक और यात्री के लिए जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना घबराए सही फैसला लिया जा सके.
अधिकांश नई कारों में बूट के अंदर एक सुरक्षा लीवर दिया जाता है. यह लीवर अंधेरे में चमकता है, ताकि इसे आसानी से पहचाना जा सके. लीवर आमतौर पर बूट के लॉक के पास या ऊपर की साइड पर होता है. इसे खींचते ही बूट खुल जाता है. यह सबसे तेज और सुरक्षित विकल्प है. अगर तुरंत दिखे, तो इसे प्राथमिकता दें. शांत रहकर हाथ से टटोलें और मजबूती से खींचें.
कार की पिछली सीट भी फोल्डेबल होती है. सीट के बीच या ऊपर एक छोटा लॉक मिलता है, जिसे दबाकर सीट आगे की ओर गिर जाती है. इससे बूट से केबिन में प्रवेश का रास्ता बनता है. केबिन में पहुंचते ही आप दरवाज़ा खोलकर बाहर निकल सकते हैं. यह तरीका तब काम आता है, जब रिलीज लीवर तक पहुंच कठिन हो. यह विकल्प शारीरिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
कार के लॉक सिस्टम से जुड़ी एक सुरक्षा केबल बूट के अंदर छिपी रहती है. यह केबल लॉक से सीधे जुड़ी होती है और आपात स्थिति में बूट खोलने में मदद करती है. इसे मजबूती से खींचने पर लॉक रिलीज हो जाता है. यह तरीका मैकेनिकल है, इसलिए बिजली या सेंट्रल लॉक फेल होने पर भी काम करता है. निर्माता इसे सुरक्षा मानकों के तहत शामिल करते हैं. यह भरोसेमंद विकल्प है.
बूट में फंसने पर सबसे जरूरी है कि बाहर किसी को सूचना मिले. अगर मोबाइल आपके पास है, तो तुरंत आपात कॉल करें. नेटवर्क न हो, तो बूट के अंदर से हल्की थपथपाहट या टूल से आवाज़ बनाएं. कई कारों में टूल किट बूट के किनारे होती है, जिससे आवाज़ पैदा की जा सकती है. ऑक्सीजन बचाने के लिए सांस धीमी रखें. कपड़े से छोटा एयर-गैप बनाने की कोशिश करें. यह मानसिक रूप से शांत रखने में मदद करेगा.
कार में आपात हथौड़ी, टॉर्च और पावर बैंक रखना अब आम सुझाव बन चुका है. बूट की सीमित हवा को देखते हुए तैयारी जीवन बचा सकती है. निर्माता अंदर से रिलीज मैकेनिज्म देते हैं, लेकिन बाहरी सहायता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. छोटी सावधानी जैसे मोबाइल पास रखना, बूट में फंसने के जोखिम को कम करती है. विशेषज्ञ कहते हैं कि सुरक्षा फीचर तभी काम आएंगे, जब उपयोग की जानकारी हो. जागरूकता सबसे बड़ा बचाव है.