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India Daily

दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का हार्ट अटैक से निधन, फिल्मों में खलनायकी की भूमिकाओं से मिली थी पहचान

दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का 80 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से निधन हो गया. उनके करीबी दोस्त अवतार गिल ने इस बात की पुष्टि की. उन्होंने कई फिल्मों में नकारात्मक भूमिकाएं निभाईं.  

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का हार्ट अटैक से निधन, फिल्मों में खलनायकी की भूमिकाओं से मिली थी पहचान
Courtesy: @Raajeev_Chopra

 अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खौफ भरने वाले दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता भरत कपूर अब हमारे बीच नहीं रहे. 80 साल की आयु में उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके करीबी दोस्त और अभिनेता अवतार गिल ने यह दुखद खबर साझा की.  

'एक भाई जैसा था भरत'  

अभिनेता अवतार गिल भरत कपूर के बेहद करीबी थे. उन्होंने बताया कि भरत के बेटे राहुल ने उन्हें दोपहर तीन बजे फोन करके यह खबर दी. अवतार गिल ने कहा, “मैं भरत जी को पचास साल से जानता हूं. हमने साथ में कई नाटक किए और फिल्मों में एक साथ काम किया. हम लगातार संपर्क में थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते से हमारी बात नहीं हुई थी. मेरे लिए यह एक बड़े भाई, एक मार्गदर्शक और एक दोस्त को खोने जैसा है.” यह रिश्ता सिर्फ दोस्ती का नहीं, बल्कि एक परिवार जैसा था. उन्होंने बताया कि फिल्म और थिएटर की दुनिया के कई लोगों ने भरत कपूर को अंतिम विदाई दी.  

खलनायकी की भूमिकाओं से बनाई पहचान

भरत कपूर ने अपने करियर में ज्यादातर नेगेटिव किरदार निभाए. उनकी आंखों का अंदाज और डायलॉग बोलने का तरीका दर्शकों को खौफजदा कर देता था. उन्होंने फिल्मों में ‘बरसात’, ‘आखिरी रास्ता’, ‘नूरी’, ‘राम बलराम’ और ‘इन्कार’ जैसी मशहूर फिल्मों में काम किया. हालांकि वह खलनायक थे, लेकिन इंडस्ट्री में उनकी काफी इज्जत थी. वह उन कलाकारों में से थे जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से खलनायकी को भी एक कला का रूप दिया. उनके निधन के बाद फिल्म जगत के कई नामों ने गहरा दुख जताया है.  

पंचतत्व में विलीन हुए भरत

भरत कपूर का अंतिम संस्कार सोमवार शाम छह बजे सायन अस्पताल के पास स्थित श्मशान घाट में कर दिया गया. उनके परिवार में उनकी पत्नी लोपा और दो बेटे राहुल और सागर हैं. उनकी बेटी कविता का कुछ साल पहले ही निधन हो चुका था, जिसका गम उन्हें हमेशा रहता था. उनके दोस्त अवतार गिल के मुताबिक, अंतिम संस्कार में उनके परिवार के साथ इंडस्ट्री के कई करीबी दोस्त मौजूद थे. राकेश बेदी, निर्देशक रमेश तलवार और थिएटर से जुड़े कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. 

एक दौर में खलनायकी के पर्याय बन चुके थे भरत

आज के दर्शक भले ही भरत कपूर को भूल गए हों, लेकिन अस्सी और नब्बे के दशक में उनका नाम डर का दूसरा नाम था. उन्होंने अपने चरित्र में इतनी जान डाली कि लोग उन्हें सड़क पर देखकर भी डरते थे लेकिन असल जिंदगी में वह बेहद मिलनसार और सरल इंसान थे. अवतार गिल ने बताया कि वह कभी स्टार तो नहीं बन पाए लेकिन उन्होंने ताउम्र फिल्मों में काम किया. उनकी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपने जुनून को कभी नहीं छोड़ा. उनकी कहानी युवा कलाकारों के लिए एक सीख है कि सच्ची लगन ही असली पहचान दिलाती है.