मुंबई: वरुण धवन का जन्म 24 अप्रैल 1987 को मशहूर फिल्म डायरेक्टर डेविड धवन के घर हुआ. फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उनका सफर आसान नहीं था. बचपन में वरुण एक्टर नहीं बल्कि रेसलर बनना चाहते थे. हालांकि घर का माहौल फिल्मों से जुड़ा था, इसलिए धीरे धीरे उनका झुकाव अभिनय की ओर बढ़ गया. वह बचपन से गोविंदा और सलमान खान के बड़े फैन रहे. इन दोनों सितारों से प्रेरणा लेकर उन्होंने अभिनय की बारीकियां समझीं. वरुण धवन ने अपनी पढ़ाई मुंबई से पूरी करने के बाद नॉटिंघम यूनिवर्सिटी से बिजनेस स्टडीज में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने का फैसला लिया.
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने पिता की पहचान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने खुद को साबित करने के लिए शुरुआत में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया. उन्होंने 'माई नेम इज खान' में 'करण जौहर' के साथ काम करके फिल्ममेकिंग सीखी.
साल 2012 में करण जौहर ने वरुण धवन को फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से लॉन्च किया. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और वरुण रातोंरात स्टार बन गए. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट फिल्में देकर दर्शकों का दिल जीत लिया. वरुण धवन ने अपने करियर के शुरुआती सालों में जो सफलता हासिल की, वह बहुत कम एक्टर्स को मिलती है. उनकी लगातार 11 फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया.
इन फिल्मों में मैं तेरा हीरो, हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया, बदलापुर, एबीसीडी 2, दिलवाले, ढिशूम, बद्रीनाथ की दुल्हनिया, जुड़वा 2, अक्टूबर और सुई धागा जैसी फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों की सफलता ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का भरोसेमंद स्टार बना दिया.
लगातार 11 हिट फिल्मों के साथ वरुण धवन ने शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार की बराबरी की. शाहरुख खान ने भी अपने करियर में एक समय ऐसा दौर देखा था जब उनकी कई फिल्में लगातार हिट रहीं. ऐसे में वरुण का यह रिकॉर्ड बेहद खास माना गया और इंडस्ट्री में उनकी साख मजबूत हुई. हर स्टार के करियर में उतार चढ़ाव आते हैं और वरुण धवन भी इससे अछूते नहीं रहे. साल 2019 में आई Kalank उनके करियर की पहली बड़ी फ्लॉप साबित हुई.
इसके बाद स्ट्रीट डांसर 3D भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई. वहीं कुछ फिल्में औसत रहीं, जिससे उनके करियर की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई.