मुंबई: मनोज बाजपेयी की मोस्टअवेटेड फिल्म The Silent Saviour Governor का टीजर आखिरकार रिलीज हो गया है. टीजर रिलीज होते ही इसने सोशल मीडिया और फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा शुरू कर दी है. यह फिल्म 1990 के दशक में भारत के आर्थिक संकट पर है. टीजर में राजनीतिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता और देश के सामने खड़े बड़े संकट की झलक दिखाई गई है.
फिल्म में मनोज बाजपेयी एक RBI गवर्नर का किरदार निभा रहे हैं. उनका किरदार गंभीर, जिम्मेदार और दबाव से भरा हुआ दिखाई देता है. टीजर में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस काफी मजबूत नजर आती है. कम डायलॉग और शांत अभिनय के जरिए भी उन्होंने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है. हालांकि टीजर में उनके किरदार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म को एक अलग वजन देती दिखाई दे रही है.
टीजर साफ संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि देश के एक अहम दौर की कहानी दिखाने वाली है. 1990 के दशक में भारत गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था. उस समय देश को आर्थिक तौर पर संभालने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए थे. फिल्म उसी दौर की अनकही घटनाओं से प्रेरित नजर आती है. फिल्म मेकर इस कहानी को एक राजनीतिक थ्रिलर के रूप में पेश करना चाहते हैं.
टीजर की सबसे खास बात इसका गंभीर माहौल है. इसमें तेज शोर, बड़े एक्शन सीन्स या जरूरत से ज्यादा ड्रामा नहीं दिखाया गया. इसके बजाय कहानी के तनाव, जिम्मेदारी और देश के हालात पर ज्यादा फोकस किया गया है. यही वजह है कि टीज़र बाकी कमर्शियल फिल्मों से अलग महसूस होता है.
फिल्म को चिन्मय मांडलेकर ने डायरेक्ट किया है. टीजर में विजुअल्स काफी प्रभावशाली नजर आते हैं. कुछ सीन ऐसे हैं जो देशभक्ति की भावना को उभारने की कोशिश करते दिखते हैं. हालांकि फिल्म कितनी संतुलित तरीके से यथार्थ और नाटकीयता को साथ लेकर चलती है, यह रिलीज के बाद ही पता चलेगा.
टीजर में वही गंभीर और प्रभावशाली टोन देखने को मिलती है जो Vipul Amrutlal Shah के पिछले प्रोजेक्ट्स में भी नजर आई थी. हालांकि इस बार कहानी भावनात्मक सनसनी की बजाय आर्थिक और राजनीतिक इतिहास पर ज्यादा केंद्रित दिखाई दे रही है. यही बात इस फिल्म को अलग पहचान देती नजर आ रही है.