Sunil Anand Death: देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का निधन, 70 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का 70 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने लंदन में अंतिम सांस ली. जानिए उनके फिल्मी सफर, करियर और परिवार की ओर से जारी किए गए बयान के बारे में.
मुंबई: हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर देव आनंद के बेटे और एक्टर सुनील आनंद का 70 साल की उम्र में निधन हो गया. परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने 28 जुलाई 2026 को लंदन में दिल का दौरा पड़ने के बाद अंतिम सांस ली. इस खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है. परिवार ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की है और इस कठिन समय में निजता का सम्मान करने की अपील की है.
सुनील आनंद, हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक से ताल्लुक रखते थे. वह दिग्गज एक्टर देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे थे. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने अपने पिता के साथ कई फिल्मों के निर्माण और निर्देशन से जुड़े कामों में सहयोग किया. कैमरे के पीछे काम करने के अनुभव के बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा.
'आनंद और आनंद' से किया था बॉलीवुड डेब्यू
सुनील आनंद ने 1984 में फिल्म 'आनंद और आनंद' से बॉलीवुड में बतौर एक्टर शुरुआत की थी. इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता देव आनंद ने किया था. फिल्म में देव आनंद, राज बब्बर और सुनील आनंद मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन समय के साथ इसे कुछ दर्शकों ने पसंद किया और IMDb पर इसे अच्छी रेटिंग भी मिली.
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इन फिल्मों में भी आए नजर
अपने डेब्यू के बाद सुनील आनंद ने 1986 में रिलीज हुई फिल्म 'कार थीफ' में काम किया. इस फिल्म का निर्देशन समीर मल्कन ने किया था और इसमें विजयता पंडित, आशा पारेख और परीक्षित साहनी भी अहम भूमिकाओं में थे. इसके बाद वह 1989 में फिल्म 'मैं तेरे लिए' में दिखाई दिए, जिसका निर्देशन विजय आनंद ने किया था. हालांकि, बड़े बैनरों और अनुभवी फिल्मकारों के साथ काम करने के बावजूद उनका अभिनय करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका.
अभिनय के बाद सुनील आनंद ने फिल्म निर्माण की ओर रुख किया. उन्होंने 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'मास्टर' का निर्देशन किया और इसे प्रोड्यूस भी किया. इस फिल्म में टिंग ल्युंग और सदाशिव अमरापुरकर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे. हालांकि निर्देशन के क्षेत्र में भी उन्हें बड़ी व्यावसायिक सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने फिल्म निर्माण से अपना जुड़ाव बनाए रखा.