मुंबई: फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने और शहर से बाहर निकलने के लिए प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट दोनों का सहारा लिया. सूत्रों के अनुसार 31 जनवरी की रात आरोपी कल्याण से टैक्सी लेकर जुहू पहुंचे. वहां उन्होंने एक स्कूटर निकाला जो पहले से रेलवे पार्किंग में खड़ा था. इसी स्कूटर का इस्तेमाल कर फायरिंग की गई. घटना के बाद स्कूटर को जुहू बस स्टॉप के पास छोड़ दिया गया.
फायरिंग के बाद आरोपियों ने पहले एक ऑटो चालक से कल्याण चलने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया. इसके बाद दूसरे ऑटो से वे ठाणे स्टेशन पहुंचे. वहां से एक और ऑटो लेकर कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचे. कल्याण से चार आरोपी भोपाल जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए. एक वांटेड आरोपी पहले से स्टेशन पर मौजूद था. भोपाल पहुंचकर उन्होंने ट्रेन बदली और आगरा की ओर रवाना हो गए. आगरा में कुछ दिन गांवों में छिपे रहने के बाद दो आरोपी नोएडा गए और फिर हरियाणा में सह आरोपियों के पास शरण ली.
जांच के दौरान पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने सीधे या परोक्ष रूप से आरोपियों की मदद की. पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आरोपी करीब 16 दिनों तक अलग अलग राज्यों में छिपते रहे. हालांकि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार अब तक बरामद नहीं हुआ है.
मामले में पुणे से गिरफ्तार पांच आरोपियों को विशेष MCOCA Court Mumbai में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी को 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस के अनुसार पहले गिरफ्तार पांच आरोपी एक अलग ग्रुप का हिस्सा थे जिनका काम पुणे से मुंबई तक वाहन और हथियार पहुंचाना था. हाल ही में कथित शूटर समेत सात और आरोपियों को पकड़ा गया है जो दूसरे ग्रुप से जुड़े बताए जा रहे हैं.
मुंबई क्राइम ब्रांच ने कोर्ट को बताया कि दोनों ग्रुप का आमना सामना कराकर यह पता लगाया जाएगा कि पूरी साजिश के पीछे कौन था, फंडिंग किसने की और पैसे का ट्रांसफर कैसे हुआ. कोर्ट में दलीलें सुनने के बाद जांच एजेंसियों को आगे की पूछताछ के लिए समय दिया गया है. इस मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.