Rekha Birthday Special: खूबसूरती ऐसी कि जो इन्हें देखता है, देखता ही रह जाता है… अंदाज ऐसा कि लोग दिवाने हो जाते हैं… शायद आप समझ गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं. जी हां, ये कोई और नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा हैं, जिन्हें खूबसूरती, शानदार अभिनय और खास अंदाज के लिए जाना जाता है. रेखा का फिल्मी सफर 4 साल की उम्र में ही शुरू हो गया था. आज इनका जन्मदिन हैं. रेखा आज 72 साल की हो गई हैं, लेकिन इनका जादू आज भी वही ‘उमराव जान’ वाला है. चलिए जानते हैं, इनके जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से बता रहे हैं.
रेखा का पूरा नाम भानुरेखा गणेशन है. इनका जन्म 10 अक्टूबर, 1954 को चेन्नई में हुआ था. इनकी मां का नाम पुष्पावली था, जो दक्षिण भारतीय फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री थीं. वहीं, उनके पिता जेमिनी गणेशन भी साउथ सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल थे. रेखा ने बहुत छोटी उम्र (4 साल) में फिल्मी दुनिया में कदम रखा. शुरुआती दौर में उन्होंने साउथ सिनेमा में काम किया. फिर धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई. बॉलिवुड में रेखा की शुरुआत सावन भादो फिल्म से हुई थी. यह फिल्म 1970 में रिलीज हुई थी. इसके बाद से रेखा ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग जगह बनाना शुरू कर दी थी.
ऐसा नहीं है कि रेखा का करियर आसान रहा है. शुरुआती दिनों में उनके सावले रंग और लुक को लेकर उन्हें काफी कुछ सुनना पड़ा था. लेकिन उन्होंने यह सब अपने रास्ते में नहीं आने दिया. उन्होंने अपनी मेहनत और एक्टिंग के दम पर लोगों का दिल जीत लिया. समय के साथ रेखा ने अपनी अदाकारी को निखारा और हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं.
रेखा की निजी जिंदगी किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं है. अमिताभ बच्चन के साथ उनका नाम आज तक लिया जाता है. कई बार ऐसे बयान भी सुनने को मिले हैं, जिससे यह साफ लगता है कि रेखा आज भी अमिताभ को नहीं भूली हैं. लेकिन अमिताभ और रेखा की किस्मत में कुछ और ही लिखा था. साल 1190 में उन्हों ने बिजनेसमेन मुकेश अग्रवाल से शादी की थी. उनकी शादी को कुछ ही महीने बीते थे कि उनकी जिंदगी में दुखद मोड़ आया. जिस साल उनकी शादी हुई थी, उसी साल उनके पति मुकेश अग्रवाल का निधन हो गया था. इसके बाद रेखा ने दोबारा शादी नहीं की और अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक लोगों की नजरों से दूर रखा.
रेखा ने अपने लंबे करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया. 'उमराव जान', 'सिलसिला', 'खूबसूरत', 'खून भरी मांग', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'घर', 'सुहाग', 'मिस्टर नटवरलाल' और 'लज्जा' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया. फिल्म 'उमराव जान' के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड से भी नवाजा गया. उनकी अभिनय क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने रोमांटिक किरदारों से लेकर गंभीर भूमिकाओं तक हर तरह के किरदारों में अपनी छाप छोड़ी.
रेखा ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर आज भी हिंदी सिनेमा में उनका सिक्का चलता है. आज भी उनकी खूबसूरती, साड़ी पहनने का अंदाज और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी लोगों का ध्यान खींचती है. रेखा की कहानी बताती है कि शुरुआती आलोचनाओं के बावजूद मेहनत और अपने हुनर पर भरोसा रखकर सफलता हासिल की जा सकती है. यही वजह है कि वह आज भी बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं.