Randeep Hooda Birthday: 32 किलो वजन घटाकर ‘चलने लायक’ भी नहीं बचे रणदीप हुड्डा! किस फिल्म के लिए एक्टर ने फूंक दी थी जान

Randeep Hooda Birthday: बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए 32 किलो वजन कम किया, लेकिन इस खतरनाक ट्रांसफॉर्मेशन ने उनकी सेहत बिगाड़ दी. उन्होंने खुलासा किया कि डेढ़ साल तक वह बेहद कमजोर रहे, पिंडली टेढ़ी हो गई और वह चल भी नहीं पाते थे

Social Media
Babli Rautela

Randeep Hooda Birthday: रणदीप हुड्डा अपनी मेहनत और किरदारों के लिए अपने समर्पण के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं. सरबजीत के लिए 18 किलो वजन कम करने वाले रणदीप ने अपनी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए 32 किलो वजन घटाया था. इस फिल्म में उन्होंने न केवल अभिनय किया बल्कि बतौर डायरेक्टर की कमान भी संभाली थी.

मिड-डे को दिए एक पुराने इंटरव्यू में रणदीप ने बताया कि यह परिवर्तन उनके स्वास्थ्य पर कितना भारी पड़ा था. उन्होंने कहा कि वह डेढ़ साल तक कम वजन में रहे. जब पिछले फिल्म मेकर ने फिल्म को बंद कर दिया, तब तक उनकी सारी मांसपेशियां खत्म हो चुकी थीं. उन्होंने याद किया कि वह बेहोश होकर घोड़े से गिर पड़े थे. उनकी पिंडली उनकी जांघ के समकोण पर मुड़ी हुई थी, जिससे उन्हें एहसास हुआ कि वह कितने कमजोर हो गए थे. वह चल भी नहीं पा रहे थे.

तेजी से वजन कम करने की मजबूरी

रणदीप ने बताया कि उन्हें बायोपिक के लिए जल्दी से वजन कम करना पड़ा. उस वक्त वह 'इंस्पेक्टर अविनाश' की शूटिंग भी कर रहे थे, जिसमें उन्हें 92 किलो वजन के मोटे पुलिसवाले के रूप में दिखना था. उन्होंने कहा, 'मुझे कुछ दिनों तक रोजाना एक किलो वजन कम करना पड़ा. यह बहुत मुश्किल था. मैं अक्सर बहुत कमजोर महसूस करता था और बेहोश हो जाता था. एक एक्टर के लिए यह बहुत बुरी बात है. लेकिन, मेरा मानना है कि किरदार के अनुरूप दिखना हर एक्टर को करना चाहिए.'

बुरी हालत में पहुंचे एक्टर

रणदीप ने आगे कहा, 'जितना ज्यादा समय मुझे डाइट का पालन करना पड़ा, मैं उतना ही निराश होता गया. मुझे व्यवस्था की कमी के कारण कष्ट सहना पड़ा और इसे दो बार करना पड़ा. मैं बिल्कुल मर सकता था. मैं बहुत बुरी हालत में था. अगर मैं ऐसा कुछ फिर करूंगा तो मैं लोगों को अनुबंधों में बांध दूंगा.'

हालांकि रणदीप ने अस्वास्थ्यकर तरीकों का सहारा नहीं लिया. उन्होंने पेशेवर की मदद से सही भोजन योजना अपनाई और संतुलित ढंग से इस कठिन बदलाव को पूरा किया.