बॉलीवुड के कपूर परिवार का नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में बेहद खास रहा है. इसी परिवार की अगली पीढ़ी से आने वाले रणबीर कपूर ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 28 सितंबर 1982 को जन्मे रणबीर कपूर आज 44 साल के हो गए हैं. अभिनेता होने के साथ साथ वह अपने अलग अलग किरदारों और फिल्मों के चुनाव के लिए भी पहचाने जाते हैं.
कपूर खानदान से होने के बावजूद रणबीर का फिल्मी सफर केवल परिवार के नाम के भरोसे आगे नहीं बढ़ा. उन्होंने एक्टिंग और फिल्म मेकिंग की पढ़ाई की और फिर फिल्म इंडस्ट्री में अलग अलग भूमिकाओं से अपने करियर की शुरुआत की.
रणबीर कपूर दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर और अभिनेत्री नीतू कपूर के बेटे हैं. वह राज कपूर के पोते हैं. फिल्मी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने फिल्म निर्माण और अभिनय को समझने के लिए विदेश में पढ़ाई की. मेकिंग और मेथड एक्टिंग की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान उन्होंने शॉर्ट फिल्मों में भी काम किया और निर्देशन का अनुभव हासिल किया.
रणबीर कपूर और उनके पिता ऋषि कपूर के रिश्ते में बचपन के दिनों में काफी सख्ती रही. ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में बेटे के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई बातें साझा की थीं. उनके मुताबिक वह चाहते थे कि रणबीर उन्हें पिता के तौर पर सम्मान दें. इसी वजह से उन्होंने बेटे के साथ दोस्त की तरह व्यवहार करने के बजाय पिता की भूमिका को प्राथमिकता दी.
रणबीर ने भी कई मौकों पर अपने बचपन के अनुभवों के बारे में बात की है. उन्होंने बताया था कि बचपन में उन्हें पिता से डांट और मार भी पड़ी थी. एक घटना मंदिर में जूते पहनकर जाने से जुड़ी थी, जबकि दूसरी घटना उनकी बहन रिद्धिमा को परेशान करने के बाद हुई थी.
कपूर परिवार से होने के बावजूद ऋषि कपूर चाहते थे कि रणबीर जिंदगी में मेहनत और अनुशासन को समझें. अमेरिका में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें बहुत अधिक आर्थिक सुविधाएं नहीं दी गईं. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से लौटने के बाद ऋषि कपूर ने रणबीर की गाड़ी भी ले ली थी. इसके पीछे मकसद यही था कि वह अपने पैरों पर खड़े होने और अपनी जिम्मेदारियां खुद उठाने की आदत डालें.
रणबीर ने बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखने से पहले फिल्म निर्माण को करीब से समझा. उन्होंने आ अब लौट चलें और ब्लैक जैसी फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया. साल 2007 में उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म सांवरिया से बतौर अभिनेता पहला बड़ा मौका मिला. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन रणबीर के अभिनय पर लोगों की नजर जरूर गई.
रणबीर के करियर में कई ऐसी फिल्में आईं जिन्होंने उन्हें एक अलग पहचान दी. अजब प्रेम की गजब कहानी से उन्हें लोकप्रियता मिली, लेकिन 2011 की फिल्म रॉकस्टार ने उन्हें एक गंभीर अभिनेता के तौर पर स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई.
इसके बाद बर्फी, ये जवानी है दीवानी, तमाशा और संजू जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग अलग तरह के किरदार निभाए. संजू में संजय दत्त का किरदार निभाकर रणबीर ने एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता का अलग अंदाज दिखाया. 2022 में आई ब्रह्मास्त्र भी उनके करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही. इसके बाद 2023 में आई एनिमल ने रणबीर को एक बिल्कुल अलग और ज्यादा तीव्र किरदार में पेश किया.