मुंबई: भारत की सबसे पवित्र महाकाव्य रामायण सिर्फ एक धार्मिक कथा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का आधार है. भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की यह गाथा सदियों से लोगों के दिलों में बसी हुई है. सिनेमा के शुरुआती दौर से ही इस कहानी ने फिल्ममेकर्स को प्रेरित किया है. यही वजह है कि हर दौर में रामायण को नए रूप में पर्दे पर उतारा गया.
लंका दहन रामायण पर बनी पहली फिल्म मानी जाती है. इसे भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के ने बनाया था. यह एक मूक फिल्म थी, यानी इसमें आवाज नहीं थी. इसके बावजूद इसने उस समय इतिहास रच दिया. फिल्म में अण्णा सालुंके ने भगवान राम और माता सीता दोनों का किरदार निभाया था, जो अपने आप में एक अनोखी बात थी. इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक कहानियां भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती हैं.
रामायण पर फिल्मों की संख्या बेहद चौंकाने वाली है. पिछले एक सदी में इस पर करीब 50 मुख्य फिल्में बन चुकी हैं. अगर अलग अलग किरदारों जैसे हनुमान और लव कुश की कहानियों को जोड़ें तो यह संख्या 60 से ज्यादा हो जाती है. वहीं एनिमेशन और शॉर्ट फिल्मों को मिलाकर कुल आंकड़ा लगभग 200 तक पहुंच जाता है.
कुछ खास फिल्में जिन्होंने अलग पहचान बनाई
लंका दहन 1917 पहली फिल्म
अगर रामायण के सबसे सफल रूप की बात करें तो रामायण आज भी नंबर एक माना जाता है. इस शो में Arun Govil ने भगवान राम, Dipika Chikhlia ने सीता और Sunil Lahri ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था. 78 एपिसोड के इस शो को देखने के लिए हर रविवार सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था. लोग टीवी के सामने बैठकर इसे किसी पूजा की तरह देखते थे. 2020 के लॉकडाउन में दोबारा प्रसारण के दौरान भी इसने TRP के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.
रामायण की लोकप्रियता को देखते हुए कई और टीवी शोज भी बनाए गए
कुल मिलाकर छोटे बड़े मिलाकर 20 से ज्यादा टीवी वर्जन बन चुके हैं, जो इस कहानी की लोकप्रियता को दर्शाते हैं.