परेश रावल ने महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर तुकाराम मुंडे के काम का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने खाने की सफाई और मिलावट को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों का साथ दिया जाना चाहिए. रावल ने यह भी इच्छा जताई कि मुंडे लंबे समय तक अपने पद पर बने रहें.
परेश रावल ने सोशल मीडिया के जरिए तुकाराम मुंडे के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि खाने की चीजों की साफ-सफाई को लेकर मौजूदा स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है और लोगों को फूड पॉइजनिंग का डर बना रहता है. उनके मुताबिक ऐसे समय में मुंडे जैसे अधिकारी उम्मीद जगाते हैं, क्योंकि वे व्यवस्था में बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, रावल ने यह चिंता भी जताई कि अच्छे काम करने वाले अधिकारियों का तबादला हो सकता है या उन्हें किसी विवाद में फंसाया जा सकता है. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में पुरानी खराब व्यवस्था फिर लौट सकती है.
To put it with humility and respect that it should the priority and Dharm of Honourable CM @Dev_Fadnavis ji to protect Shri @Tukaram_IndIAS that he should not be xfered or shunted out of his department.
🙏🙏🙏— Paresh Rawal (@SirPareshRawal) August 9, 2026Also Read
रावल ने दूध और पनीर जैसी रोजमर्रा की चीजों में मिलावट को गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि अगर इन चीजों में मिलावट होती है, तो यह लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. उनके अनुसार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और कानून में मौजूद कमियों को भी दूर किया जाना चाहिए. रावल ने यह भी कहा कि केवल फिल्म इंडस्ट्री या सेलिब्रिटी ही नहीं, आम लोग भी अच्छे अधिकारियों के समर्थन में अपनी आवाज उठा सकते हैं. उनका मानना है कि जनता का समर्थन अधिकारियों को बेहतर काम करने का हौसला दे सकता है और खाने की गुणवत्ता को लेकर ज्यादा जिम्मेदारी तय हो सकती है.
तुकाराम मुंडे इन दिनों सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं. उनके काम की तुलना कई इंटरनेट यूजर्स ने अनिल कपूर की 2001 की फिल्म 'नायक' से की है, जिसमें एक आम आदमी अचानक मुख्यमंत्री बन जाता है और तेजी से बदलाव करता है. इस तुलना पर परेश रावल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक थी और उसमें किरदार केवल एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बना था. उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि मुंडे लंबे समय तक अपने पद पर रहें. रावल ने यह भी उम्मीद जताई कि आगे और ऐसे अधिकारी सामने आएं और सरकार उन्हें जरूरी सहयोग दे.