अभिनेता मुकेश खन्ना ने भारत के राष्ट्रगान को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए ‘जन-गण-मन’ की जगह ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने की मांग की है. स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित अपने नए देशभक्ति गीत ‘आओ बच्चों’ के लॉन्च के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
एक मीडिया चैलन से बातचीत में मुकेश खन्ना ने कहा कि वह पहले भी ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाए जाने की मांग कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि उनके विचार में ‘वंदे मातरम’ भारत की स्वतंत्रता और देशभक्ति की भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने इसके लोकप्रिय गायन का भी उल्लेख करते हुए इसे देश की भावनाओं से जुड़ा गीत बताया.
मुकेश खन्ना ने ‘जन-गण-मन’ के इतिहास को लेकर भी अपनी धारणा सामने रखी. उन्होंने दावा किया कि यह गीत ब्रिटिश शासकों की प्रशंसा में लिखा गया था और इसी वजह से इसे राष्ट्रगान का दर्जा नहीं मिलना चाहिए. हालांकि, यह ऐतिहासिक दावा विवादित है. रवींद्रनाथ टैगोर ने ‘जन-गण-मन’ की रचना की थी और 1950 में संविधान सभा ने इसके प्रथम अंतरे को भारत के राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया था.
Mumbai, Maharashtra: On the National Song Vande Mataram being rendered during the Independence Day celebrations at the Red Fort for the first time, Actor Mukesh Khanna says, "I had said this three years ago as well; Vande Mataram should be made the national song. Jana Gana Mana… pic.twitter.com/aGo7pmzVhF
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
अभिनेता ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि ‘वंदे मातरम’ को स्कूलों और विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक प्रमुखता देने की दिशा में काम हो रहा है. हालांकि, ‘जन-गण-मन’ को हटाकर ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान बनाने का कोई आधिकारिक सरकारी निर्णय इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया है.
मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्होंने कल्याणजी-आनंदजी के साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ का करीब सात मिनट का संस्करण रिकॉर्ड किया है. इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित उनका नया गीत ‘आओ बच्चों’ भी रिलीज किया गया है, जिसे गायक शान ने आवाज दी है. राष्ट्रगान को लेकर उनका बयान अब इस नए गीत से ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है.