पापा बनाना चाहते थे डेंटिस्ट, बेटी ने कर दी बगावत... आज करोड़ों दिलों पर राज करती हैं मृणाल ठाकुर

मृणाल ठाकुर आज अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं. डेंटिस्ट बनाने का सपना देखने वाले पिता की बेटी ने एक्टिंग को चुना और टीवी से लेकर बॉलीवुड व साउथ फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.

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Babli Rautela

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री मृणाल ठाकुर आज अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं. अपनी सादगी, दमदार अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस से लाखों दिलों पर राज करने वाली मृणाल का फिल्मी सफर बिल्कुल आसान नहीं था. कभी उनके पिता चाहते थे कि वह डेंटिस्ट बनें, लेकिन उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. टीवी से करियर की शुरुआत करने वाली मृणाल आज हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं.

डेंटिस्ट नहीं, क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं मृणाल

मृणाल ठाकुर का जन्म 1 अगस्त 1992 को महाराष्ट्र के धुले में एक मराठी परिवार में हुआ था. पढ़ाई के दौरान उनके पिता चाहते थे कि वह डेंटिस्ट बनें और मेडिकल फील्ड में करियर बनाएं. हालांकि, मृणाल का सपना कुछ अलग था. उन्हें पत्रकारिता में रुचि थी और वह क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं. इसी वजह से उन्होंने मास मीडिया की पढ़ाई शुरू की. लेकिन कॉलेज के दिनों में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी.

कॉलेज में मिला पहला टीवी शो

मास मीडिया की पढ़ाई के दौरान मृणाल को टीवी सीरियल 'मुझसे कुछ कहती... ये खामोशियां' का ऑफर मिला. शुरुआत में परिवार इस फैसले के पक्ष में नहीं था. उन्हें लगता था कि पहले पढ़ाई पूरी करनी चाहिए. मृणाल ने अपने परिवार को समझाया और अभिनय में किस्मत आजमाने का फैसला किया. साल 2012 में उन्होंने इसी शो से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह 'अर्जुन' में नजर आईं, लेकिन असली पहचान उन्हें 'कुमकुम भाग्य' में बुलबुल अरोड़ा के किरदार से मिली. यह शो उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ और वह घर-घर में लोकप्रिय हो गईं.


टीवी से बड़े पर्दे तक का सफर

छोटे पर्दे पर सफलता मिलने के बाद मृणाल ने फिल्मों का रुख किया. उन्होंने पहले मराठी फिल्मों 'विट्टी दांडू', 'सुराज्य' और 'हैलो नंदन' में काम किया. साल 2018 में उन्होंने फिल्म 'लव सोनिया' से बॉलीवुड में कदम रखा. फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन मृणाल के अभिनय को खूब सराहा गया. इसके बाद 'सुपर 30' में ऋतिक रोशन और 'बाटला हाउस' में जॉन अब्राहम के साथ काम कर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई.

'सीता रामम' ने बना दिया सुपरस्टार

मृणाल ठाकुर के करियर की सबसे बड़ी सफलता तेलुगु फिल्म 'सीता रामम' रही. इस फिल्म में उनके निभाए किरदार ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया. इसके बाद 'हाय नन्ना' में भी उनकी परफॉर्मेंस को जबरदस्त सराहना मिली. इन फिल्मों के जरिए उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री की भी बड़ी स्टार हैं.

मृणाल ठाकुर ने कई इंटरव्यू में खुलासा किया है कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर सिर्फ इसलिए ठुकरा दिए क्योंकि उनमें इंटीमेट सीन थे और उस समय वह ऐसे दृश्यों को लेकर सहज महसूस नहीं करती थीं. बाद में उन्होंने अपने परिवार से खुलकर बातचीत की और धीरे-धीरे पेशे की जरूरतों को समझा. उनका मानना है कि हर कलाकार को अपनी सीमाएं और अपने फैसले खुद तय करने चाहिए.