'मंजुम्मेल बॉयज' डायरेक्टर चिदंबरम एस पोडुवल को सेक्शुअल हैरेसमेंट केस में मिली राहत, जानें क्या है पूरा मामला
'मंजुम्मेल बॉयज' के निर्देशक चिदंबरम एस. पोडुवल को यौन उत्पीड़न के एक मामले में एर्नाकुलम सेशंस कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है. यह फैसला जज के.के. बालकृष्णन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया. कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ चिदंबरम को राहत प्रदान की है.
मुंबई: मलयालम सिनेमा की सुपरहिट फिल्म 'मंजुम्मेल बॉयज' के निर्देशक चिदंबरम एस. पोडुवल को यौन उत्पीड़न के एक मामले में एर्नाकुलम सेशंस कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है. यह फैसला जज के.के. बालकृष्णन ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया. कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ चिदंबरम को राहत प्रदान की है. यह मामला 2022 में हुई एक घटना से जुड़ा है. एक अभिनेत्री ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मई 2022 में चिदंबरम बिना अनुमति के उनके अपार्टमेंट में घुसे और उनके साथ दुर्व्यवहार किया.
'मंजुम्मेल बॉयज' डायरेक्टर को मिली राहत
शिकायत के आधार पर एर्नाकुलम टाउन साउथ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला), 354A (यौन उत्पीड़न जिसमें शारीरिक संपर्क शामिल) और 509 (महिला की शील को ठेस पहुंचाने वाला शब्द, इशारा या कार्य) के तहत केस दर्ज किया था. कुछ रिपोर्ट्स में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 का भी जिक्र है.
चिदंबरम ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया. उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि अभिनेत्री के साथ उनके संपर्क पूरी तरह पेशेवर थे और फिल्म निर्माण से जुड़े थे. बचाव पक्ष ने शिकायत में देरी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घटना के लगभग चार साल बाद शिकायत दर्ज हुई, जो संदेहास्पद है. उनका दावा है कि यह निर्देशक की छवि खराब करने की कोशिश हो सकती है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिकायत में देरी और जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर भी विचार किया. जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रही हैं. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत मंजूर की. मंजुम्मेल बॉयज 2024 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की. यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है और दर्शकों ने इसे खूब सराहा.
चिदंबरम इससे पहले 'जन.ई.मन' जैसी फिल्म भी बना चुके हैं. इस मामले के सामने आने के बाद निर्देशक ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल प्राइवेट कर ली थी. यह मामला मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है. कानूनी प्रक्रिया जारी है और आगे की जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं. दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई का पता अदालत ही लगाएगी. फिलहाल चिदंबरम को अग्रिम जमानत मिलने से उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गई है.